
चलती कार में अपहरण और मारपीट के मामले में सुपरस्टार दिलीप को आठ साल बाद बरी कर दिया गया है। यह मामला 2017 का है, जब दिलीप पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक महिला पत्रकार का अपहरण कर लिया और उसके साथ मारपीट की। इस मामले में 109 दिनों तक बहस चली, जिसमें 28 गवाह मुकर गए। लेकिन इसके बावजूद, अदालत ने दिलीप को बरी कर दिया।
इस मामले में दिलीप के खिलाफ आरोप था कि उन्होंने 17 फरवरी 2017 को एक महिला पत्रकार का अपहरण कर लिया था और उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने दिलीप के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन दिलीप ने आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उन्हें फंसाया गया है। इस मामले में 28 गवाहों ने बयान दिया था, लेकिन उनमें से 28 गवाह मुकर गए थे, जिससे मामला कमजोर हो गया था।
अदालत ने दिलीप को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर पाया है। अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास था और उन्हें विश्वसनीय नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा, अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किया है, जिससे दिलीप को दोषी ठहराया जा सके। इस फैसले के बाद, दिलीप के प्रशंसकों ने उनके बरी होने का जश्न मनाया है।
दिलीप के बरी होने से यह साबित होता है कि न्यायपालिका ने उनके साथ न्याय किया है। दिलीप ने हमेशा कहा था कि उन्हें फंसाया गया है और वे निर्दोष हैं। अब, अदालत के फैसले ने उनकी बात को सच साबित कर दिया है। यह फैसला न केवल दिलीप के लिए, बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी एक बड़ी राहत है।
स्रोत: मूल समाचार पढ़ें
