शिक्षा

जूली, सोनिया, जयवंती, मीना, सपना और परबतिया, बेटियां लिखने जा रहीं नया इतिहास

admin 10 December 2025 1 मिनट पढ़ें 24 views
जूली, सोनिया, जयवंती, मीना, सपना और परबतिया, बेटियां लिखने जा रहीं नया इतिहास

जमुई जिले के अति नक्सल प्रभावित बरहट प्रखंड के गुरमाहा गांव में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के सात दशक बाद भी इस गांव में कोई स्कूल नहीं है, और अब तक यहां का कोई भी व्यक्ति मैट्रिक तक नहीं पहुंच सका था। लेकिन इस बार स्थितियां बदली हैं और गांव की बेटियां शिक्षा की नई शुरुआत करने जा रही हैं।

गुरमाहा गांव की छह बेटियां – जूली, सोनिया, जयवंती, मीना, सपना और परबतिया – इस वर्ष पहली बार मैट्रिक परीक्षा देने जा रही हैं। यह एक ऐतिहासिक पल है क्योंकि इससे पहले इस गांव से कोई भी मैट्रिक परीक्षा में शामिल नहीं हो सका था। गुरमाहा गांव तीन टोले वाला इलाका है, जहां नक्सल गतिविधियों के कारण शिक्षा की कमी है। लेकिन इन बेटियों ने हार नहीं मानी और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।

इन बेटियों की कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाके में शिक्षा की कमी और अन्य चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल गुरमाहा गांव के लिए बल्कि पूरे जमुई जिले के लिए एक प्रेरणा का स्रोत होगी। इन बेटियों की सफलता से यह साबित होगा कि शिक्षा की शक्ति किसी भी चुनौती को पार कर सकती है और एक नए भविष्य की ओर ले जा सकती है।

इन बेटियों की मैट्रिक परीक्षा की तैयारी पूरी हो चुकी है और वे अब परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। उनकी इस उपलब्धि पर गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं और उनकी सफलता की कामना कर रहे हैं। यह एक नए युग की शुरुआत है और इन बेटियों की सफलता से गुरमाहा गांव के लोगों को एक नए भविष्य की ओर देखने की उम्मीद मिलेगी।

स्रोत: मूल समाचार पढ़ें

admin

हिंदीबात के पत्रकार और लेखक।

सभी लेख देखें

अपनी टिप्पणी छोड़ें

Your email address will not be published. Required fields are marked *