
राज्यसभा में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य स्वाति मालीवाल ने खाद्य पदार्थों के गुमराह करने वाले विज्ञापनों का मुद्दा उठाया और कहा कि ऐसे विज्ञापनों में जो दावे किए जाते हैं, उत्पादों की स्थिति वास्तव में कुछ और ही होती है। उन्होंने विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि हम रोज टीवी पर गुमराह करने वाले विज्ञापन देखते हैं, जिसमें चॉकलेट हेल्थ ड्रिंक को बच्चों के लिए मजबूत बनाने वाला बताया जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि इसके 100 ग्राम पाउडर में 40 ग्राम चीनी होती है, मतलब करीब आधा डिब्बा शुगर होता है।
मालीवाल ने कहा कि मां ‘हेल्थ ड्रिंक’ समझकर अपने बच्चों को चीनी का घोल पिला रही हैं, जो कि उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि इसी तरह आटा नूडल्स भी है जिसमें आटे के स्थान पर मैदा और पाम आयल होता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने जूस में फल नहीं सिर्फ चीनी और रंग होने का भी उल्लेख किया और कहा कि काजू बिस्कुट और बुजुर्गों के लिए बने प्रोटीन पाउडर के बारे में भी भ्रामक विज्ञापन होता है। इन उत्पादों को लोग स्वास्थ्यवर्धक समझ कर खा रहे हैं लेकिन वही धीरे-धीरे ‘डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापा और उच्च रक्त चाप’ आदि का कारण बन रहे हैं।
मालीवाल ने कहा कि देश में कैंसर पीड़ित तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका एक बड़ा कारण यह गुमराह करने वाले विज्ञापन हैं। उन्होंने कहा कि पान मसाला में भी यही तकनीक अपनायी जाती है और पैकेट में केसर एवं चांदी होने की बात की जाती है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मशहूर हस्तियां करोड़ों रुपए लेकर इनका विज्ञापन करती हैं लेकिन शायद ही वे इनका उपयोग करती हों। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगानी चाहिए और लोगों को सही जानकारी देनी चाहिए ताकि
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