
Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom const ai_toggleBtn = document.querySelector(“.ai-button”); const ai_summaryBox = document.querySelector(“.ai-summary-content”); const ai_listItems = ai_summaryBox.querySelectorAll(“li”); let ai_isTyping = false; function ai_typeText(ai_el, ai_text, ai_speed, ai_done) { let ai_i = 0; ai_el.textContent = “”; ai_el.classList.add(“typing-cursor”); function ai_typingStep() { if (ai_i { if (ai_isTyping) return; if (ai_summaryBox.style.display === “block”) { ai_summaryBox.style.display = “none”; ai_toggleBtn.querySelector(“span”).textContent = “Show Quick Read”; ai_toggleBtn.classList.remove(“active”); } else { ai_summaryBox.style.display = “block”; ai_toggleBtn.querySelector(“span”).textContent = “Hide Quick Read”; ai_toggleBtn.classList.add(“active”); ai_listItems.forEach(ai_item => { ai_item.style.opacity = 0; ai_item.textContent = “”; }); ai_isTyping = true; let ai_currentIndex = 0; function ai_showNextItem() { if (ai_currentIndex { ai_typeText(ai_item, ai_fullText, 10, () => { ai_currentIndex++; ai_showNextItem(); }); }, 300); } else { ai_isTyping = false; } } ai_showNextItem(); } }); (function() { function moveAISummary(container) { if (!container) return; const aiBox = container.querySelector(‘.ai-summary’); if (!aiBox) return; const paras = container.querySelectorAll(‘p’); if (paras && paras.length >= 2) { const secondP = paras[1]; if (secondP && secondP.parentNode) { secondP.parentNode.insertBefore(aiBox, secondP.nextSibling); } } } document.addEventListener(‘DOMContentLoaded’, function() { const scope = document.getElementById(‘article-hstick-inner’) || document.getElementById(‘article-hfix’) || document; moveAISummary(scope); }); })(); केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस ADA ग्रुप की दो बड़ी कंपनियों रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खिलाफ बैंक फ्रॉड के दो अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किया है. दोनों मामलों में आरोप है कि कंपनियों ने कई बैंकों को धोखा दिया, जिससे बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है.
RCFL पर 57.47 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
इसमें पहला मामला RCFL पर 57.47 करोड़ का बैंक फ्रॉड का है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत पर CBI ने रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, उसके डायरेक्टर्स और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों पर क्रिमिनल केस दर्ज किया है. RCFL का अकाउंट 25 मार्च, 2020 को NPA घोषित हुआ. 4 अक्टूबर, 2025 को बैंक ने इसे फ्रॉड की कैटेगरी में डाल दिया. बैंक का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें 57.47 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया.
सीबीआई ने की छापेमारी, मिले कई अहम सबूत
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मुताबिक, कंपनी कई बैंकों और NBFCs से कुल 9,280 करोड़ रुपये के लोन ले रही थी. CBI अब ये जांच करेगी कि क्या इन सभी बैंकों को भी इसी तरह नुकसान पहुंचाया गया है. इस मामले में CBI ने कोर्ट से मिले वारंट के बाद, मुंबई में RCFL के ऑफिस और कंपनी के डायरेक्टर देवांग प्रवीन मोदी के पुणे स्थित घर पर छापेमारी अभियान शुरू किया. छापेमारी के दौरान CBI को कई अहम डॉक्यूमेंट मिले हैं.
RHFL पर 228.06 करोड़ का बैंक फ्रॉड का आरोप
वहीं, CBI ने रिलायंस ADA ग्रुप की कंपनी रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खिलाफ 228.06 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड केस में बड़ा एक्शन लिया है. एजेंसी ने कंपनी, उसके डायरेक्टर्स और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है. ये कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर की गई है.बैंक का आरोप है कि कंपनी ने साजिश कर गलत तरीके से लोन लिया और बैंक को 228.06 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया. RHFL का अकाउंट 30 सितंबर, 2019 को NPA घोषित किया गया था और 10 अक्टूबर, 2024 को धोखाधड़ी की कैटेगरी में डाल दिया गया.
सीबीआई की जांच में क्या हुआ खुलासा?
यूनियन बैंक के मुताबिक, रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) ने कई बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से कुल 5,572 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन लिए थे. अब CBI पूरे मामले की जांच कर रही है कि क्या कंपनी ने सभी बैंकों को इसी तरह धोखा दिया.
कोर्ट के आदेश के बाद चला ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान
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