A Short Story with Moral in Hindi

A Short Story with Moral in Hindi

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Lion and Mouse

(A Short Story with Moral in Hindi)

शेर और चूहे की दोस्ती

A Short Story with moral in hindi - शेर और चूहा
शेर और चूहा

 

एक समय की बात है, जंगल में एक शेर रहता था| वो बहोत बड़ा और ताकतवर था|

इसीलिए वो सभी जानवरों को खाजाता था|

एक दिन वो अपनी गुफा में आराम कर रहा था|

तभी वहां  एक चूहा खेलते खेलते आजाता है,और देखता है कि यहाँ बहुत बड़ा  शेर सो रहा है|

तभी शेर की आखें खुल जाती है,और फिर शेर चूहे को पकड़ के बोलता है, कि अब मै तुम्हे खा जाऊंगा|

चूहा शेर से डरते हुए बोलता है, कि मै  बहुत छोटा हु मुझे खाकर आप की भूख भी नही मिटेगी और आप मुझे छोड़ दो|…..

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…..शायद मै किसी दिन आपके काम आजाऊ शेर को चूहे की बात सुन कर दया आगई और उसने चूहे को छोड़ दिया|

कुछ दिनों के बाद जंगले में एक शिकारी आया और उसने शेर को जाल में फसा लिया|

शेर ने बहुत कोशिश की पर वो जाल से नही निकल पा रहा था |तभी वहां चूहा पहुच जाता है,

और शेर को बचाने के लिए जाल को कुत्तेरने लगता है|

और शेर को बचा लेता है|शेर को जाल से खुला देख कर शिकारी भाग जाता है|

फिर शेर और चूहे की अच्छी दोस्ती हो गई|

 

सिख – “किसी को भी कमज़ोर समझने की गलती ना करें, हर किसी की अपनी अपनी खासियत होती है|”

 

 

Two Crows

(A Short Story with Moral in Hindi)

दो कव्वों की कहानी 

A short story with moral in hindi- दो कौवे की कहानी
दो कौवे की कहानी

 

एक जंगल में दो कव्वे  रहते थे, एक का नाम कालू और दुसरे का नाम भोलू था|

कालू शारीर से लम्बा और मोटा था और भोलू अपने ही नाम की तरह पतला और कमजोर था|

एक दिन कालू ने भोलू से कहा की मै तुमसे ज्यादा ताकतवर और ब्बुद्धिमान हु|

तो भोलू  ने कहा नही मै तुमसे बड़ा हु और बुद्धिमान भी हु |इसका फैसला करने के लिए

कालू ने कहा कि एक खेल खेलते हैं |भोलू भी खेल खेलने के लिए तैयार हो गया|

 उसने खेल को बताते हुए कहा,

की जो भी अपनी चोच में थैली से भरा सामान लेकर ज्यादा उपर उढेगा वही जीतेगा|….

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….कालू बहुत चालाक था, उसने अपनी थैली में कापूस भर लिए और भोलू की थैली में नमक रख दिया,

फिर वह अपनी थैली को चोच में पकड़ कर  तेजी से हवा में उढ गया,

और भोलू की थैली में ज्यादा वजन

होने के कारन भोलू ज्यादा ऊँचा उड़ नही पा रहा था|

तभी बारिश होने लगी और कालू के थैली का कापूस पूरी तरह भीग गया

और उसका थैली ज्यादा भारी  होने लगा|

तभी बारिश से भोलू के थैली का सारा नामक गल गया और वो तेजी से हवा में उपर उड़ने लगा|

इसी तरह भोलू चुनौती जीत गया|

 

सिख – “अगर हम किसीको धोखा देने की कोशिश करते हैं, तो अंत में हमारा ही नुकसान होता है|”

 

 

Clever Rabbit

(A Short Story with Moral in Hindi)

चालाक खरगोश की कहानी 

A short story in Hindi with pictures - चालाक खरगोश
चालाक खरगोश

 

एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे| वो सब जंगल में बहुत ख़ुशी ख़ुशी रहते थे|

एक दिन उस जंगल में एक बहुत ताकतवर शेर आजाता है,और हर रोज़ वो शिकार करने लगा|

जंगल के सब जानवर परेशान होके, शेर के पास एक सुझाव लेकर  गए|

जानवरों ने शेर से कहा की हम सब में से रोज़ कोई एक जानवर आप के पास आएगा|

आप उसे खाके अपनी भूख मिटा लेना|शेर को ये सुझाव अच्चा लगा और उसने सभी जानवरों की बात मानली|

रोज़ एक जानवर नियमानुसार शेर का खाना  बनजाता था|….

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….एक दिन शेर के पास जाने की बारी चालक खरगोश की आई|

खरगोश शेर के पास समय पे नही गया क्युकी वो शेर से छुटकारा पाने के लिए कुछ सोच रहा था|

शेर के पास खरगोश देर से पंहुचा और उसने शेर से कहा महाराज मै आप के ही पास आरहा था|

तभी एक दुसरे शेर ने मुझे खाने की कोशीश की, मै उससे बड़ी मुश्किल से जान बचा के आप के पास आया हूँ|

शेर ये बात सुन कर बहुत क्रोधित हो गया और खरगोश से पूछा की वो दूसरा शेर कहा पे है|

चालक खरगोश शेर को जंगल में एक कुवें के पास ले गया|

फिर बोला की वो दूसरा शेर इस कुवें के अन्दर है महाराज|

शेर कुवे के पास गया और पानी में अपनी ही छवि को देख कर उसमे  छलांग लगा दी|

कुवें  से बहार ना निकल पाने के कारन वो उसमे ही मर गया|

खरगोश की इस चालाकी से जंगल के सभी जानवर उससे बहोत प्रस्सन्न हुए और खरगोश की बहुत प्रशंशा करने लगे|

सिख-“अपनी सूझ-बुझ और आत्मविश्वास से हम बड़ी बड़ी पारेशानी को भी टाल सकते हैं|”

 

Loyal Son

(A Short Story in Hindi with Moral)

  वफादार बेटा 

A short story in Hindi for class 8 - वफादार बेटा
वफादार बेटा

 

एक शहर में राहुल नाम का लड़का रहता था|

वो अपनी माँ के साथ एक छोटे से घर में रहता था|

राहुल रोज़ समय पे स्कूल जाता था| एक दिन राहुल की माँ की तबियत अचानक से बहुत ख़राब हो गई|

राहुल अपनी माँ की तबियत का ख्याल रखने लगा इसीलिए वो रोज़ देर से स्कूल पहुचने लगा |

उसके क्लास की टीचर उसे बहुत चिल्लाती थी,फिर भी वो टीचर की डाट  चुप चाप सुन लेता था |

और कुछ नही बोलता था ,राहुल अपनी माँ का ख्याल सारा दिन रखता था |

फिर भी उसकी माँ की तब्बियत ठीक नही हो रही थी|….

A short story in Hindi for class 8

इसीलिए राहुल ने  कुछ दिनों से स्कूल जाना बंद कर दिया था |

स्कूल के बच्चो ने सोचा की टीचर की डाट रोज़ सुनकर राहुल ने स्कूल बंद कर दिया है |

फिर कुछ दिनों बाद राहुल स्कूल आया और उस दिन वो क्लास में सब से पाहिले आया था |

टीचर राहुल को देख कर चिल्लाने लगती है की तुम स्कूल क्यों नही आ रहे थे |

इसपर राहुल ने बोला की मेरी माँ की तब्बियत कुछ दिनों से बहुत ख़राब थी,

इसीलिए मै स्कूल नही आ रहा था |

फिर टीचर ने पूछा की आज तुम जल्दी कैसे आ गए तो राहुल ने बोला की अब मेरी माँ की तब्बियत ठीक हो गई है और अब मै रोज़  स्कूल समय पे आऊंगा |

 

सिख – अपने माता पिता से ज़रूरी कुछ भी नही है इस दुनिया में|

 

Fruitful Result Of Your Hard-work

(A Short Story with Moral in Hindi)

मेहनत का फल  

Short stories with moral in Hindi video - मेहनत का फल
मेहनत का फल

    

   एक बार एक शहर में दो दोस्त राहते थे |एक का नाम सूरज और दुसरे का नाम रवि था|

दोनों ही दोस्त बेरोजगार थे, एक दिन दोनों दोस्त कुछ मदद के लिए अपने गुरूजी के पास गए

और कुछ काम शुरू करने के लिए कुछ पैसे मांगे, गुरूजी पैसे देने के लिए तैयार हो गए|

पर एक शर्त रखी की १ साल में तुम्हे पैसे लौटने पड़ेंगे दोनों दोस्तोने ठीक है बोल के पैसे लेलिए|

और वहां से जाने लगे|रवि ने सूरज से कहा की अब हमें इन पैसो से कुछ काम शुरू करना चाहिए|

पर सूरज ने सीधा मना कर दिया और कहा की अब मै इन पैसो से कोई अच्छी जगह घुमने जाऊंगा|

१ साल बीतने के बाद दोनों दोस्त गुरूजी के पास वापस आये,

फिर गुरूजी ने सूरज से पुचा क्या तुम पैसे लाये हो,……

Short stories with moral in Hindi video

….तो सूरज ने मुह लटकाते  हुए बोला नही गुरूजी, किसीने मुझे ठग लिया |

फिर गुरूजी रवि से पूछते है की क्या तुम भी खाली हाथ आये हो,

रवि मुस्कुराते हुए बोला नही गुरूजी| रवि ने गुरूजी के पैसे लौटा दिए और कहा की

मै एक किसान से रोज़ फल खरीदता और उन्हें जाके  शहर में बेच दिया करता था |

और इसी तरह मैंने म्हनत करके पैसे कमाए हैं|

गुरुजीने सूरज को मेहनत करने के लिए कहा और समय का महत्त्व समझाया|

 

सिख – “समय का सम्मान करो और श्रम का महत्त्व समझो|” 

 

        Clever Farmer

(A Short Story with Moral in Hindi)

चालाक किसान

Very short story with moral in Hindi - चालाककिसान
चालाककिसान

एक गाँव में चार दोस्त रहते थे, एक ठाकुर, एक पंडित, एक बनिया और एक नाइ था|

चारो दोस्त हमेशा साथ रहते थे और सभी गाँव वालो को परेशान करते थे|

एक दिन चारों दोस्त एक खेत में से गन्ने उखाड़ कर उसी खेत में बैठ कर खाने लगे,

तभी वहां खेल का मालिक किसान आजाता है|

चरों दोस्तों को उसके खेत में देख कर किसान को बहुत गुस्सा आया|

किसान का मन किया की चरों को डंडे से पिट दूँ,

पर चार के सामने एक वो किसान खुद पिट जाता,

इसीलिए किसान ने एक तरकीब लगाई और चरों के पास गया|

पंडीत को नमस्कार किया,ठाकुर की जय जेकर की और बनिए को राम राम किया|

फिर नाइ से बोला की ये तीनो बड़े लोग हैं|

इन्हों ने गन्ने उखाड़े सो उखाड़े पर तू तो ठहरा नाइ तूने गन्ने क्यों उखाडे|

इतना कहकर किसान ने नाइ को लाठी से बहुत पीता,

और उसके तीनो दोस्तों ने कोई विरोध नही किया क्युकी उनकी तो प्रसंशा हुई थी|

अब किसान बनिए के पास आजाता है,

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और कहता है की तू साहूकार होगा अपने घर का तू पंडितजी या ठाकुर तो नही है ना|

तो फिर तूने क्युकी गन्ने उखाड़े इतना बोलते ही किसान ने बनिए को भी बहुत मारा,

ठाकुर और पंडित ने कुछ नही कहा क्युकी उनकी तो पाहिले से ही प्रसंशा हो चुकी थी|

अब किसान ने ठाकुर से कहा की माना आप अन्न दाता हो,

पर किसी का अन्न चुराना तो गलत बात है ना

और पंडितजी की बात अलग है उनके हिस्से जो भी चला जाए वो दान पुन्न्ये होता है|

इतना बोलका किसान ने ठाकुर को भी दो चार डंडे मार दिए, “पंडितजी ने उसपे भी कुछ नही बोला”|

फिर जब ये तीनो पिट चुके थे तब किसान पंडितजी के पास गया और बोला मन की आप पंडित हैं|

पर ये तीनो के गुरु भी तो आप ही है|

अगर आप को छोड़ दूँ तो ये अन्नाये होगा तो फिर आप को भी दो डंडे तो पड़ने ही चाहिए,

इतने में ही तीनो मार खा चुके दोस्तों ने कहा की हां हां इन्हें भी दंड मिलमा चाहिए|

फिर क्या था पंडितजी भी पिट गए|

इस तरह किसान ने चारों दोस्तों को अलग अलग करके पिटा|

किसी ने किसी के पक्ष में कुछ भी नही बोला|

 

सिख – “हमें अपने अपने धरम और जाती का सम्मान करना चाहिए|

लेकिन अगर कोई उसी का लाभ उठाते हुए आपकी एकता या दोस्ती को तोड़ने की कोशिश करे,

तो उसे सफल नही होने देना चाहिए|”

Lazy Donkey

(A Short Story with Moral in Hindi)

कामचोर गधा

Short stories with moral in Hindi language - कामचर गधा
कामचर गधा

 

एक गाँव में एक आदमी रहता था,उसके पास एक गधा था|

एक दिन उसके मालिक ने बाज़ार जाकर नमक बेचने की सोची|

वह अपने गधे की पीठ पर नामक का एक बोरा रख कर बाज़ार की तरफ चल पड़ता है|

जैसे ही वह दोनों रास्ते में नदी को पार करने लगे तभी अचानक गधे का पैर फिसल गया ,

और वह नदी में गिर पड़ा| गधे को चोट तो नही लगी पर खड़े होने पर उसे ऐसा लगा की

उसकी पीठ पर रखे नमक के बोरे का बोझ कम हो गया है|

दुसरे दिन गधा फिर से नमक से भरा बोरा लेकर चल पड़ा|

अब वह जानता था की उसको क्या करना है|

गधे को अब अनपी पीठ पर लदा बोझ हल्का करना था|

जब गधा और उसका मालिक नदी पार करने लगे तो गधा फिरसे नदी में फिसल कर गिर पड़ा|

इसबार फिर उसे उसकी कमर पे रखा बोझ हल्का लगने लगा,

उसने सोचा अब मै हमेशा ऐसा ही करूँगा|

गधे के मालिक ने उसकी यह चाल पह्चान्ली और उसको बहुत क्रोध आया,…

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…..क्युकी उसके नमक के बोर में से सारा नमक बह गया था|

और उसने गधे को सबक सिखाना चाहा|

इसबार गधे का मालिक गधे के पीठ पर रूई से भरा बोरा,

उसके की पीठ पर रखकर बाज़ार की तरफ चल पड़ा|

गधे ने सोचा की फिरसे उसको अपनी चल चलनी चाहिए,

जब वे दोनों नदी को पार करने लगे तब गधा जान-बजकर नासी में फिसल गया,

ताकि उसकी कमार पर रखा बोझ हालका हो जाए|

पर अबकी बार कुछ और होगया उसके कमर पे रखा बोझ और भारी  हो गया|

क्युकी रूई ने सारा पानी सोख लिया था| और अब तो गधे को वह भारी बोझ लेकर चलना ही पड़ा|

 

सिख – “यदि हम काम को आलास के कारन टालते है,

तो हम और भी परेशानी या संकट में फस सकते हैं|

इस कारन काम से जी चुरानेवाला व्यक्ति कामचोर कहलाता है|”

 

Mother’s Lesson

(A Short Story with Moral in Hindi)

माँ की सिख

Short animal stories with moral in Hindi - माँ की सीख
माँ की सीख

राम अपनी माँ के साथ एक बहुत अच्छे घर में रहता था|

वह बहुत अच्चा लड़का था और हमेशा अपनी माँ का कहना मानता था|

राम की माँ बहुत अच्छे पकवान बनाती थी और राम को पकवान खाना बहुत पसंद था|

एक दिन राम की माँ ने बहुत बढ़िया कुकीज़ बना कर एक बड़े जार में रख दी,

और फिर बाज़ार चली गई|बाज़ार जाने से पाहिले राम की माँ उसको बोलगई थी,

की अपना गृह कार्य समाप्त करने के बाद वो कुकीज़ खा सकता है|

राम बहुत खुश हुआ और उसने अपना गृह कार्य जल्दी से समाप्त करके,

अपनी माँ के लौटने से पाहिले ही कुकीज़ खानी चाही|

राम ने कुकीज़ से भरे जार में हाथ डालकर ढेर साडी कुकीज़ निकलने की कोशिश की,

पर जार का मुह छोटा होने के कारन वह अपना हाथ बहार नही निकाल सका,

उसी समय उसकी माँ बाज़ार से घर पहुच जाती है|….

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जब उसने राम को देखा तो वो हसने लगी और अपने बेटे रामराम से कहा,

बेटा हाथ से ढेर सारी कुकीज़ छोड़कर

केवल एक या दो कुकीज़ हाथ में पकड़कर फिर हाथ बहार निकालो|

माँ की बात मानकर जब राम ने केवल दो कुकीज़ हाथ में पकड़ कर निकाली,

तब वह अपना हाथ आसानी से बाहर सका|

 

सिख – “किसी भी चीज़ का लालच अच्छी बात नही है,

हमें हर चीज़ उतनी ही लेनी चाहिए जितनी हमें ज़रूरत हो|” |

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