Moral-Short-Stories-in-Hindi-for-Class-3

Moral Short Stories in Hindi for Class 3

आज हमने ये कहानियां ३ कक्षा के बच्चों के लिए लिखी हैं, (Moral Short Stories in Hindi for Class 3) | हमने इन कहानियों में ये बताने की कोशिश की है कि आज कल के इनसानो का व्यवहार जानवरों के प्रति कैसा है|  हम उम्मीद करते हैं कि आप लोगो को हमारी कहानियां जरुर पसंद आएगी| अगर आप लोगों को हमारा पोस्ट पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों और परिवार वालों को जरुर Share करें|

Moral Short Stories in Hindi for Class 3

(वफादार कुत्ता)

Moral Short-Stories-in-Hindi-for-Class-3
वफादार कुत्ता

 

एक जोधपुर नाम का छोटा सा गाँव था| उस गाँव में सभी लोग बहुत प्यार से रहते थे|

एक दिन उसी गाँव का कुत्ता रात को भोकने लगा, सभी गाँव वाले खेतों में काम करके बहुत थके थे,

इसीलिए किसीने उसपे ध्यान नही दिया| कुत्ता अगले दिन भी सभी लोगो पे भोक रहा था|

किसी को भी उसके भोंकने की वजह समझ नही आ रही थी|

वो रोज़ सभी को भोक्ता रहता, सभी गाँव वाले उस कुत्ते से बहुत परेशान हो चुके थे|

लोगों ने सोचा की अब यह कुत्ता पागल हो गया है, इस कुत्ते को गाँव से भगा दो

नही तो ये किसी को नुकसान पंहुचा देगा| गाँव के कुछ लोग उस कुत्ते को डंडा लेकर दैड़ाने लगे,

कुत्ता भागते भागते कूड़े के ढेर के पास आगया| जैसे ही वह लोग वहा पहुचे

उन्हें एक बच्चे की रोने की आवाज़ आई| लोगों ने इधर उधर देखना शुरू कर दिया,

कूड़े के पीछे उन्हें एक बच्चा रोता हुआ मिला| उनलोगों ने बच्चे को उठाया और गाँव में लेकर आए|

कुत्ता गांव वालों पर यही बताने के लिए भोंक रहा था| कुत्ते की वफादारी देख कर

गाँव वालों को यह समाजमे आया की, इंसानों से ज्यादा हमें जानवरों पर भरोसा करना चाहिए|

 

सिख – “जानवर इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त होते है”|

 

यह कहानिया भी ज़रूर पढ़े:

 

Very Short Stories in Hindi

(लाल मुर्गी)

Very-Short-Stories-in-Hindi
लाल मुर्गी

 

राजू अपने पिता के साथ गाँव में रहता था| राजू के पिता के पास बहुत सारी मुर्गी थी |

उन मुर्गियों में एक लाल मुर्गी भी थी| राजू को लाल मुर्गी बहुत पसंद थी| वह रोज मुर्गियों

को दाना खिलाता था| उसके पिताजी मुर्गी या उसके अंडे को बेच कर अपना

घर चलते थे| एक दिन एक आदमी राजू के घर आया, और उसके पिताजी से

बोला की मुझे लाल मुर्गी चाहिए| राजू ने आदमी की बात सुनली थी|

वह अपना लाल मुर्गी बिलकुल भी नही बेचना चाहता था|

उसने तुरंत लाल मुर्गी को नीले रंग से रंग दिया|राजू लाल मुर्गी को नही खोना

चाहता था क्युकी वह उसको बहुत प्यार करता था|

इसीलिए राजू ने लाल मुर्गी को नीले रंग से रंग दिया था|

लाल मुर्गी ना मिलने के कारन आदमी वह से चला गया|

 

सिख – “अपनी सूझ-बुझ से हम किसी भी मुश्किल को टाल सकते हैं”|

Moral Stories in Hindi for Class 3

(चीटीं और हाथी)

Moral-Stories-in-Hindi-for-Class-3
चीटीं और हाथी

एक समय की बात है एक जंगल में बहुत बड़ी नदी थी| उस नदी के किनारे बहुत सरे पेड़ थे|

एक पेड़ की दाल पर एक चीटीं रहती थी| एक दिन बहुत तेज़ तूफ़ान आने के कारन

वह चीटीं नदी के पानी में गिर जाती है| तभी वहा एक हाथी नदी का पानी पीने आया|

चीटीं ने उससे मदद मांगी और बोला की वक़्त आने पर मै भी आपकी मदद करूँगा|

यह बात सुनकर हाथी उस चीटीं पर हसने लगा, और बोला की मुझे तुम्हारी मदद

की जरुरत क्यों पड़ेगी, मै तुमसे बहुत बड़ा हूँ, मुझे तुम्हारी जरुरत कभी नही पड़ेगी,

मगर फिर भी मै तुम्हे बच्चा लेता हु| इतना बोलते ही हाथी चीटीं को नदी से बहार निकल देता है|

एक दिन कुछ शिकारी जंगल में हाथीयों को पकड़ने के लिए आए| वह लोग हाथियों को मार

कर उनका दांत भेजना चाहते थे| पर शिकारोयों के हाथ एक भी हाथी नही लगा,

शिकारियों ने नदी के पानी में ज़हर मिलाकर हाथियों को मरना चाहा|

शिकारियों को ज़हर मिलते हुए चीटीं ने देख लिया था|

जिस हाथी ने चीटीं को बचाया था, वही नदी का पानी पिने के लिए आ रहा था|

तभी वह चीटीं आ जाती है और हाथी को बता देती है कि शिकारियों ने पानी में ज़हर मिलाया है|

तभी हाथी नदी का पानी ना पीते हुए वहां से दूर भाग जाता है और चीटीं को धन्नेवाद कहता है|

 

सिख – “कोई बड़ा हो या छोटा सबको एक दुसरे की जरुरत पड़ती है”|

 

कुछ और नयी कहानिया:

New Moral Stories in Hindi

(मुर्ख माली)

New-Moral-Stories-in-Hindi
मुर्ख माली

एक फूलों का माली अपने बाग़ में बहुत काम्कर्ता था| इसी वजह से उसका बाग़ बहुत सुन्दर था|

एक दिन माली के दोस्त ने आकर उससे कहा की चलो आज हम कहीं घुमने चलते है|

माली ने मना कर दिया और कहा की, मुझे मेरे बाग़ में पेड़ पौदों को पानी देना है|

उसी बाग़ में एक बन्दर भी रहता था| वह बन्दर माली का बहुत अच्चा दोस्त था|

जब बन्दर ने दोनों दोस्तों की बात सुनी, तो उसने माली से कहा “दोस्त तुम घुमने चले जाओ,

आज मै बाग़ के पेड़ पौदो को पानी दे दूंगा| यह सुनकर माली बहुत खुश हुआ

और बन्दर को धनंयवाद बोलते हुए अपने दोस्त के साथ घुमने चला गया|

बन्दर ने अपने बन्दर दोस्तों को बाग़ में बुलाया और पेड़ पौदों को पानी डालने को कहा,

तभी बन्दर के दुसरे दोस्त ने कहा की हम पौदों में कितना पानी डालें|

इसपर माली के दोस्त बन्दर ने कहा की मुझे नही मालूम और मै पूछना भी भूल गया|

फिर उसने कहा की जिस पौडे की जड़ बड़ी होगी उसमे ज्यादा पानी डालना है,

और जिस की छोटी होगी उसमे कम| इसपर बन्दर के दोस्त ने कहा की,

हमें कैसे पता चलेगा की किस पेड़ की जड़ बड़ी है और किसकी छोटी|

वापस बन्दर द्विधा में पद जाता है और कुछ सोच ने के बाद कहता है की,

हमें सरे पेड़ और पौदों को उखड कर ददेखना पड़ेगा| फिर क्या था सरे बंदरों ने मिलकर

पुरे बाग़ के पेड़ पौडे उखड दिए और पूरा बाग़ बरबाद हो गया|

जब शाम को माली वापस अपने बाग़ में आया तो उसे अपनी गलती पर बहुत क्रोध आया|

 

सिख – “अपना काम खुद करना चाहिए”|

Moral Story in Hindi for Education

(प्यासा कव्वा )

Moral-Story-in-Hindi-for-Education
प्यासा कव्वा

एक समय की बात है। गर्मियों के दिन थे,  दोपहर के वक़्त बहुत तेज़ गर्मी पड़ रही थी।

एक कव्वे को बहुत पानी प्यास लगी थी, इसीलिए वह पानी की तलाश में इधर – उधर भटक रहा था।

लेकिन उसे जंगल कही भी पानी नहीं मिला। अंत में वह थक कर एक पेड़ के ऊपर जाकर बैठ गया,

तभी अचानक उसकी नज़र पेड़ के निचे पड़े एक घड़े पर गई। वह खुश हो कर उड़के घड़े के पास गया।

वहां उसने देखा कि घड़े में बहुत कम पानी है। वह पानी पीने के लिए नीचे झुका परन्तु उसकी चोंच पानी तक

नहीं पहुँच सकी। परन्तु वह कव्वा हताश नहीं हुआ, और पानी पीने के उपाय सोचने लगा।

तभी उसे एक उपाय सूझा। उसने अपनी चोंच मे कंकड़ उठाया, और घड़े मे डालना शुरू कर दिया।

घड़े मे बहुत सारे कंकड़ डालने की वजह से घड़े का पानी ऊपर आ गया।

फिर उसने अपनी चोंच से आराम से पानी पिया और उड़ गया.

 

सिख – “परिश्रम करने से किसी की हार नहीं होती है और वो व्यक्ति आखिर मे सफलता प्राप्त  जरूर कर सकता है”।

 

Moral Short Stories in Hindi for Class 3 Video 

 

हम आशा करते हैं की आपको हमारा पोस्ट पसंद आएगा| आप लोग हमें अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं|

इन कहानियों को भी जरुर पढ़े  –

 

Tags: Moral Short Stories in Hindi for Class 3, moral stories in hindi for class 3, moral story in hindi for education, new moral stories in hindi for class 3, very short stories in hindi

2 thoughts on “Moral Short Stories in Hindi for Class 3”

Leave a Comment