विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश मेरठ लखनऊ वाराणसी गोरखपुर कानपुर More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
शामली के हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार शूटर आपस में सीधे नाम लेकर बात नहीं करते थे, बल्कि ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि स्नेपचैट के माध्यम से विदेश में बैठे और गिरोह से जुड़े लोगों ने शूटरों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें निर्देश दिए।
2 of 7 20 अगस्त को सीसीटीवी में कैद हुए शामली पहुंचे अंकित हत्याकांड के शार्प शूटर मोहित और सुमित। पुल कोड वर्ड से होती थी शूटरों के बीच बातचीत पुलिस के अनुसार नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले कोड वर्ड के अलग-अलग अर्थ तय थे। ‘भोलू’ का इस्तेमाल निकलने के संकेत के तौर पर किया जाता था, जबकि ‘किथ सै’ का मतलब अपने आदमी होने की पुष्टि से जुड़ा था। वहीं ‘के हाल है’ बातचीत खत्म करने के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब इन कोड वर्ड से जुड़े मोबाइल डाटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
3 of 7 अंकित बालियान - फोटो : सोशल मीडिया शूटरों के मोबाइल से मिले सुराग मुठभेड़ में मारे गए शूटरों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार सोनीपत के सुमित और मोहित तथा करनाल के सत्यम और आर्यन अलग-अलग स्थानों से शामली पहुंचे थे। यह भी पढ़ें: यादें: खुद गाने तैयार करते, मुझसे प्राॅजेक्ट बनवाते थे अंकित, पत्नी बोली-फिटनेस के लिए छह साल से रोटी तक न खाई
4 of 7 हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गाड़ी के शीशे में लगी गोली के निशान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी 20 अगस्त को रेकी के लिए भेजे गए थे सुमित-मोहित पुलिस के अनुसार सुमित और मोहित को 20 अगस्त को अंकित की रेकी के लिए शामली भेजा गया था। दोनों दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रुके और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद करनाल के सत्यम और आर्यन भी इस नेटवर्क से जुड़े।
5 of 7 अंकित की मौत पर बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी वारदात वाले दिन खाली प्लॉट के पास मिले चारों पुलिस की जांच के मुताबिक घटना वाले दिन चारों शूटर नाला पटरी के पास एक खाली प्लॉट के नजदीक मिले थे। इन्हें आपस में जोड़ने और आगे के निर्देश देने का काम सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया।