विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली-एनसीआर नोएडा गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
2 of 22 अमर उजाला शिक्षक सम्मान - फोटो : लाल सिंह सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद के 210 स्कूलों के 211 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। हर स्कूल से उत्कृष्ट शिक्षक का चयन 95 हजार से ज्यादा छात्रों ने मतदान के जरिए किया था। शिक्षक व उनके परिजनों से भरे ऑडिटोरियम में उपमुख्यमंत्री ने मौजूदा परिदृश्य को लेकर कहा कि आज वैश्विक चुनौती खड़ी है। इंटरनेट ने दुनिया मुट्ठी में कर दी है।
3 of 22 अमर उजाला शिक्षक सम्मान - फोटो : लाल सिंह आने वाली पीढ़ी सिर्फ नौकरी करने के लिए ही तैयार न की जाए यह देखना होगा। आज छात्रों में फर्स्ट क्लास से पास होने की खुशी नहीं है। 99 के बाद भी दशमलव में प्रतिशत कम होने का अफसोस दिखता है। डीयू में एडमिशन की होड़ दिख रही है। ऐसे एडमिशन का मकसद कैंपस प्लेसमेंट रहता है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि बच्चों के अंदर ऐसी प्रतिभा गढ़ें कि वह नौकरी लेने वाले नहीं देने वाले बनें। यह जिम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसे निखारें कि दुनिया उनको फॉलो करे।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
4 of 22 अमर उजाला शिक्षक सम्मान - फोटो : लाल सिंह शिक्षक को बच्चों को पढ़ाना ही नहीं होता है, माता-पिता का प्यार भी देना होता है। बच्चा माता-पिता से ज्यादा समय शिक्षक के साथ रहता है। बच्चा शिक्षकों से संस्कार सीखता है। शिक्षक पर बड़ी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी का इतिहास गौरवशाली रहा है। भारत सबकुछ कर सकता है अगर शिक्षक चाह लें। इसलिए शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी है।
5 of 22 अमर उजाला शिक्षक सम्मान - फोटो : लाल सिंह वोट लेना कितना मुश्किल है यह सभी को समझ में आया होगा शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वोट लेना कितना मुश्किल है ये आप सभी को समझ में आ गया होगा। बच्चों का वोट लेना और भी कठिन है। सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले शिक्षकों ने अपना सर्वोत्तम दिया होगा। सभी ने वोट के लिए बहुत मेहनत की होगी। सम्मान के लिए मतदान की पारदर्शी मोबाइल व कंप्यूटर आधारित व्यवस्था को सराहते हुए कहा कि इसमें बैलेट पेपर की तरह कोई गुंजाइश भी नहीं रही होगी।