विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अमेरिका में बहस लगातार तेज हो रही है। एक तरफ टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी एआई के संभावित खतरों पर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके विकास की रफ्तार धीमी करने के पक्ष में नहीं हैं। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला, जब ट्रंप ने एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग को फोन किया और हजारों लोगों के सामने एआई पर अपनी राय रखी।
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान बड़े पैमाने पर बन रहे डेटा सेंटर्स का भी खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर्स लोगों और राज्यों को आर्थिक रूप से बेहद समृद्ध बनाते हैं। ट्रंप के अनुसार, यह आधुनिक बुनियादी ढांचा आने वाले बीस से पच्चीस वर्षों का नया कच्चा तेल साबित होने वाला है और इसका प्रभाव इंटरनेट तथा शुरुआती तकनीकी क्रांति से भी कहीं ज्यादा बड़ा होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में काम करते हुए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।