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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संकट: 20 साल बाद IAEA ने संयुक्त राष्ट्र भेजा मामला, चीन-रूस समेत तीन देश खिलाफ

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संकट: 20 साल बाद IAEA ने संयुक्त राष्ट्र भेजा मामला, चीन-रूस समेत तीन देश खिलाफ--IAEA Board Refers Iran to UN Security Council for the First Time in 20 Years
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संकट: 20 साल बाद IAEA ने संयुक्त राष्ट्र भेजा मामला, चीन-रूस समेत तीन देश खिलाफ हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दुनिया देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार More •••

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

आईएईए के 35 सदस्यीय बोर्ड में से 23 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। चीन, रूस और नाइजर ने प्रस्ताव का विरोध किया, जबकि आठ देशों ने मतदान से दूरी बनाई। एक देश ने बकाया भुगतान के कारण मतदान नहीं किया। यह प्रस्ताव अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की ओर से पेश किया गया था।

आईएईए बोर्ड ने जून 2025 में ही ईरान को परमाणु अप्रसार संबंधी दायित्वों का पालन न करने वाला देश माना था। इसकी मुख्य वजह यूरेनियम के उन निशानों की जांच में ईरान का अपेक्षित सहयोग नहीं करना था, जो अलग-अलग अघोषित स्थानों पर मिले थे। पश्चिमी देशों के अधिकारियों को आशंका है कि ये निशान इस बात के संकेत हो सकते हैं कि ईरान ने वर्ष 2003 तक गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाया था। हालांकि, ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

ईरान के मामले में तनाव उस समय और बढ़ गया था जब जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों के बाद से ईरान ने प्रभावित परमाणु स्थलों तक आईएईए निरीक्षकों को पहुंच नहीं दी है। आईएईए अब तक यह भी सत्यापित नहीं कर पाया है कि ईरान के पास मौजूद हथियार-स्तर के करीब पहुंच चुके समृद्ध यूरेनियम के भंडार की मौजूदा स्थिति क्या है।

आईएईए का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ा हुआ है। हालिया घटनाक्रम में अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट किया, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। छह महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। ऐसे में ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने का फैसला परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से जारी विवाद को और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा सकता है।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
अ…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

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