विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: क्या भविष्य में एआई बेकाबू होकर इंसानियत के वजूद को खत्म कर सकती है? इसी गंभीर चिंता के बीच बिजनेस इंसाइडर की टीम ने दुनिया के चार सबसे लोकप्रिय एआई टूल्स चैटजीपीटी, जेमिनी , क्लॉड, और ग्रोक से एक ही सवाल पूछा कि एआई मानव जाति के खात्मे का कारण कैसे बन सकता है?
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
सभी चैटबॉट्स ने हॉलीवुड फिल्मों के टर्मिनेटर जैसे किलर रोबोट्स की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि एआई इंसानों से सीधा कोई दुश्मन जैसा व्यवहार नहीं करेगा। हालांकि, सभी ने माना कि इंसानों की ओर से एआई का खतरनाक दुरुपयोग और एआई का इंसानों से अधिक चालाक होकर नियंत्रण से बाहर होना तबाही ला सकता है।
गूगल के जेमिनी ने तकनीकी विशेषज्ञों के हवाले से एआई की ओर से सीधे इंसानों के खात्मे के विचार को खारिज कर दिया। जेमिनी का कहना है कि एआई का अधिक बुद्धिमान होने का मतलब यह नहीं कि उसके अंदर कोई दुर्भावना या इंसानों से नफरत पैदा हो जाएगी। साथ ही सैन्य और परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर को इंटरनेट से पूरी तरह अलग रखा जाता है और वे इंसानी निगरानी पर निर्भर हैं, इसलिए सीधे टेकओवर संभव नहीं है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
एंथ्रोपिक के क्लॉड और स्पेसएक्स के ग्रोक ने एक बेहद डरावने पहलू की तरफ इशारा किया। टूल्स ने कहा कि एआई की मदद से कोई भी सिरफिरा इंसान या आतंकी संगठन बिना किसी बड़ी लैब या वैज्ञानिक डिग्री के भी जानलेवा जैविक वायरस (Bio-weapons) डिजाइन कर सकता है, जो महामारी का रूप ले सकते हैं।