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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा - फोटो : Amar Ujala एयर वाइस मार्शल की रैंक का महत्व क्या? एयर वाइस मार्शल भारतीय वायुसेना की दो सितारा रैंक है। भारतीय सेना में इसका समकक्ष मेजर जनरल और भारतीय नौसेना में रियर एडमिरल होता है। इस रैंक के अधिकारी एयरफोर्स स्टेशनों की कमान संभाल सकते हैं, एयर हेडक्वार्टर में महत्वपूर्ण निदेशालयों का नेतृत्व कर सकते हैं और कमांड मुख्यालयों में वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी की जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इसलिए एयर वाइस मार्शल की रैंक तक पहुंचना किसी अधिकारी के करियर में एक बड़ा पड़ाव माना जाता है।
एयर वाइस मार्शल की रैंक - फोटो : Amar Ujala एयर वाइस मार्शल का प्रमोशन कैसे होता है? एयर वाइस मार्शल का पद सामान्य समय पूरा होने पर अपने आप नहीं मिलता। यह चयन आधारित पदोन्नति है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
इन दोनों फैसलों ने सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए लंबे करियर, स्थायी कमीशन, प्रमोशन और कमांड जैसी जिम्मेदारियों के अवसरों को मजबूत किया।
वायुसेना में महिलाओं की उपलब्धियां - फोटो : Amar Ujala गैर-चिकित्सा क्षेत्र में शक्ति शर्मा की उपलब्धि क्यों खास है? शक्ति शर्मा की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह गैर-चिकित्सा शाखा से एयर वाइस मार्शल बनने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। इससे पहले भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों ने चिकित्सा और नर्सिंग सेवाओं में वरिष्ठ रैंक हासिल की थी।
यह सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों और बदलती भूमिका को भी दिखाती है। 1994 में एजुकेशन ब्रांच से शुरू हुआ उनका करियर प्रशिक्षण संस्थानों, फील्ड स्टेशनों, कमांड मुख्यालयों और एयर हेडक्वार्टर की अलग-अलग जिम्मेदारियों से होते हुए दो सितारा रैंक तक पहुंचा है। उनकी नियुक्ति यह भी दिखाती है कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका अब केवल चिकित्सा या सीमित क्षेत्रों तक नहीं रह गई है। वे शिक्षा, प्रशिक्षण, संचालन, कमांड और वरिष्ठ नेतृत्व वाली जिम्मेदारियों में भी आगे बढ़ रही हैं।