विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दुनिया देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
एआई की बढ़ती ताकत के साथ अब इसके खतरों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। एआई रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एंथ्रोपिक से इस्तीफा देकर दावा किया कि एआई की दौड़ भविष्य में इंसानों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जैकब कॉक्सन कौन हैं? उन्होंने क्या कहा? एंथ्रोपिन ने क्या जवाब दिया? एआई को लेकर पहले कौन-कौन से चेतावनियां दी जा चुकी हैं? एआई का इस्तेमाल विश्व में कैसे तेजी से बढ़ रहा है? एआई की रेस में भारत कहां है?
सुपरइंटेलिजेंस का मतलब ऐसे एआई सिस्टम से है जिसकी क्षमता इंसानों की बुद्धिमत्ता से आगे निकल जाए। ऐसे सिस्टम सिर्फ इंसानों से ज्यादा सक्षम नहीं होंगे, बल्कि खुद अपनी क्षमता को भी लगातार बेहतर कर सकेंगे। इसे रिकर्सिव सेल्फ-इंप्रूवमेंट यानी लगातार खुद को बेहतर बनाने की प्रक्रिया कहा जाता है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने एआई के लिए कास्ट-आयरन गारंटी यानी बेहद मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग की। उनके मुताबिक एआई की वजह से सेवाओं, संचार व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रणालियों में व्यवधान पैदा हो सकता है। उन्होंने एआई के लिए स्पष्ट सीमाएं यानी रेड लाइन तय करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
इंटरनेशनल एआई सेफ्टी रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, एआई का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इसके कई तरह के खतरे भी सामने आ रहे हैं। इनमें डीपफेक और एआई फ्रॉड, साइबर अटैक, गलत या भ्रामक जानकारी, जैविक और रासायनिक हथियारों में संभावित इस्तेमाल और एआई की गलतियों से होने वाला नुकसान शामिल है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता इंसानों की सोचने और सही फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। भविष्य में ज्यादा सक्षम एआई के इंसानी नियंत्रण से बाहर जाने और नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई गई है।
अमेरिका एआई निवेश में सबसे आगे है। 2025 में अमेरिका में निजी एआई निवेश 285.9 अरब डॉलर रहा। चीन में यह निवेश 12.4 अरब डॉलर रहा। यानी अमेरिका में निजी एआई निवेश चीन के मुकाबले करीब 23 गुना ज्यादा रहा। गार्टनर के अनुमान के मुताबिक, 2026 में दुनिया में एआई पर करीब 2.60 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है। यह 2025 के मुकाबले 47 प्रतिशत ज्यादा है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1.43 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है। एआई सेवाओं पर करीब 585.5 अरब डॉलर और एआई सॉफ्टवेयर पर करीब 453.2 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है।