विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार मनोरंजन More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
2012 में जिस साल निर्भया कांड हुआ था उस साल राजधानी दिल्ली में दुष्कर्म के कुल 706 मामले दर्ज किए गए थे। 2013 में दुष्कर्म से जुड़े कानूनों को सख्त किया गया। इसके बाद भी इस साल राजधानी में दुष्कर्म के मामले दो गुने से ज्यादा बढ़े। दिल्ली में दुष्कर्म की वरादातों की संख्या बढ़कर 1,636 हो गई। 2014 में इनमें और इजाफा हुआ और ऐसे मामले बढ़कर 2,166 हो गए। 2015 से 2019 के बीच राजधानी में हर साल 2100 से 2200 के बीच महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुईं।
एनसीआरबी ने दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के साथ हत्या के मामलों की अलग श्रेणी रखी है। 2024 में देशभर में ऐसे 266 मामले दर्ज हुए और इनमें 274 पीड़ित रहे। मध्य प्रदेश में ऐसे सबसे ज्यादा 50 मामले दर्ज हुए। राजस्थान में 38, महाराष्ट्र में 24, उत्तर प्रदेश में 23 और ओडिशा में 17 मामले दर्ज हुए। दिल्ली में दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के साथ हत्या के छह मामले दर्ज हुए और इनमें सात पीड़ित रहे।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
एनसीआरबी के आंकड़े - फोटो : Amar Ujala बच्चों से दुष्कर्म के आंकड़े 2024 में देशभर में बच्चों से दुष्कर्म के 979 मामले दर्ज हुए और इनमें 997 बच्चे पीड़ित रहे। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 459 मामले दर्ज हुए। इसके बाद तेलंगाना में 127, केरल में 81, गुजरात में 65, हिमाचल प्रदेश में 42, महाराष्ट्र में 35 और झारखंड में 33 मामले दर्ज हुए।