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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को होगा। दो दिन के इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा, यातायात और मेहमानों के स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ऐसे में आइए जानते हैं सम्मेलन में क्या-क्या होगा, कौन शामिल होगा और राजधानी में क्या तैयारियां की गई हैं?
लोगो का मतलब क्या? - फोटो : Amar Ujala भारत के 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के लोगो का क्या मतलब है? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का लोगो परंपरा और आधुनिकता के मेल को दर्शाता है। इसके केंद्र में बना कमल पवित्रता, लचीलेपन और प्रगति का प्रतीक है। कमल की पंखुड़ियों में ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के जीवंत रंगों को शामिल किया गया है, जो सामूहिक शक्ति और एकता को दर्शाते हैं। केंद्र में बना 'नमस्ते' का भाव भारत की गर्मजोशी, सम्मान और सौहार्दपूर्ण सहयोग की भावना को दर्शाता है।
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इस बार का थीम है, ''बिल्डिंग फॉर रिजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी''। यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास के आधार पर भविष्य का निर्माण। यह थीम लोगों को केंद्र में रखने और 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' यानी मानवता को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह एक साल से भी कम समय में उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वे दिसंबर 2025 में वार्षिक भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात की थी और उन्हें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दोबारा दिया था।
2026 में ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। इसी साल भारत चौथी बार समूह की अध्यक्षता कर रहा है। भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। इसलिए इस बार भारत के पास समूह के एजेंडे और प्राथमिकताओं को दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
भारत की अध्यक्षता में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके साथ व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश होगी।