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एनएसई आईपीओ का दावा: एनएसई आईपीओ 18 सितंबर को खुलेगा, 25 सितंबर को बाजार में शेयरों के लिस्ट होने का अनुमान

क्या आप देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में हिस्सेदार बनना चाहते हैं? नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का बहुप्रतीक्षित 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ 18 सितंबर को खुल सकता है। जानिए पूरा टाइमलाइन और इसके असर की पूरी जानकारी।
एनएसई आईपीओ का दावा: एनएसई आईपीओ 18 सितंबर को खुलेगा, 25 सितंबर को बाजार में शेयरों के लिस्ट होने का अनुमान हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम कारोबार बिज़नेस डायरी बाजार स्टार्टअप्स कॉर्पोरेट पर्सनल फाइनेंस More •••

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

भारत के शेयर बाजार के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), अपना बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लगभग 30,000 करोड़ रुपये का यह आईपीओ आगामी 18 सितंबर को निवेश के लिए खुल सकता है। यदि यह समय सारणी सच साबित होती है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के साल 2024 में आए 27,870  करोड़ रुपये के आईपीओ के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। यह खबर भारतीय वित्तीय बाजार और निवेशकों के लिए इस साल की सबसे बड़ी हलचल है।

बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम की महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार रहने की उम्मीद हैं:

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

यह विशाल आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के रूप में पेश किया जा रहा है। इसके तहत ₹1 अंकित मूल्य (फेस वैल्यू) वाले लगभग 14.89 करोड़ (148.9 मिलियन) इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। यह हिस्सेदारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का करीब 6 प्रतिशत हिस्सा है। संपूर्ण निर्गम ओएफएस होने का मतलब यह है कि वर्तमान शेयरधारक ही अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। एक्सचेंज स्वयं कोई नया शेयर जारी नहीं कर रहा है, इसलिए इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी और एनएसई को अपने परिचालन के लिए कोई नया फंड प्राप्त नहीं होगा।

इस महा-आईपीओ का भारतीय बाजार पर गहरा असर देखने को मिलेगा:

भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज का सूचीबद्ध होना कॉर्पोरेट पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर एक्सचेंज की पुष्टि आनी बाकी है, लेकिन बाजार में इस निर्गम को लेकर भारी उत्साह है। हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड टूटना यह दर्शाता है कि भारतीय प्राथमिक बाजार अब दुनिया के सबसे बड़े सौदों को संभालने के लिए पूरी तरह परिपक्व हो चुका है। निवेशकों की निगाहें अब 15 सितंबर को होने वाली प्राइस बैंड की घोषणा पर टिकी हैं, जो इस विशाल आईपीओ के वास्तविक आकर्षण और मूल्यांकन को तय करेगी।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
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हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

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