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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
गूगल में + फ़ॉलो करें न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Tue, 01 Sep 2026 04:52 PM IST Link Copied
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंगलवार को छात्र राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया। NSUI के 17 सूत्रीय मांगों को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। हंगामा इतना बढ़ा कि चार महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ने पर उसे व्हीलचेयर से प्राचार्य कक्ष तक ले जाना पड़ा।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
हंगामे के बीच ABVP कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पुलिस को दोनों पक्षों को अलग करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और छात्रों के बीच भी धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
प्राचार्य कक्ष में भी गरमाया माहौल कॉलेज परिसर का विवाद प्राचार्य कक्ष तक पहुंच गया। हंगामे की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे भी मौके पर पहुंचे। यहां ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। छात्रों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और भेदभाव का आरोप लगाया। लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए ASP आशीष खरे ने छात्रों को अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी। इसके बाद वे बैठक अधूरी छोड़कर दूसरे कक्ष में चले गए।
पहले से थी प्रदर्शन की सूचना, फिर क्यों बिगड़े हालात? इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NSUI की ओर से प्रदर्शन की पूर्व सूचना प्रशासन को दिए जाने और अनुमति लिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद कॉलेज परिसर में विरोधी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद हालात बिगड़ते चले गए।
अब सवाल उठ रहे हैं कि जब प्रदर्शन की जानकारी पहले से प्रशासन के पास थी तो दोनों छात्र संगठनों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बैरिकेडिंग पर धक्का-मुक्की की स्थिति कैसे बनी? साथ ही विरोधी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने की जानकारी पुलिस को समय रहते क्यों नहीं मिली? चार महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने और पुलिस अधिकारियों तक से झूमाझटकी की स्थिति बनने के बाद अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।
17 मांगों से शुरू हुआ प्रदर्शन, टकराव में बदला दिन NSUI छात्रहित से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंची थी, लेकिन मांगों की चर्चा से ज्यादा कॉलेज परिसर में हुआ हंगामा सुर्खियों में रहा। छात्र संगठनों की राजनीतिक खींचतान में पुलिसकर्मियों के घायल होने से मामला और गंभीर हो गया है। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस और कॉलेज प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे क्या कार्रवाई करता है।