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एसआईआर पर रार: ड्राफ्ट लिस्ट में दिल्ली के 47.7 लाख, महाराष्ट्र के 2 करोड़ वोटर घटे, जानें अन्य राज्यों का हाल

एसआईआर पर रार: ड्राफ्ट लिस्ट में दिल्ली के 47.7 लाख, महाराष्ट्र के 2 करोड़ वोटर घटे, जानें अन्य राज्यों का हाल
एसआईआर पर रार: ड्राफ्ट लिस्ट में दिल्ली के 47.7 लाख, महाराष्ट्र के 2 करोड़ वोटर घटे, जानें अन्य राज्यों का हाल हिंदीबात विशेष
ग्राफ़िक/तस्वीर: हिंदीबात संपादकीय डेस्क (प्रतीकात्मक एडिटोरियल इंफोग्राफिक — वास्तविक बैठक की तस्वीर नहीं)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार मनोरंजन More •••

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर देश के कई राज्यों में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हुई है। करीब 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में दिखाई नहीं देंगे। महाराष्ट्र में भी 2.07 करोड़ मतदाताओं को अनकलेक्टेबल एन्यूमरेशन फॉर्म की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि दोनों मामलों में यह समझना जरूरी है कि ड्राफ्ट सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं है।

दिल्ली के 13 जिलों में करीब दो महीने तक एसआईआर की प्रक्रिया चली। जांच के दौरान जिन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2002 की एसआईआर सूची से नहीं मिला, उनसे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। नाम, उम्र या पारिवारिक संबंधों में असामान्य अंतर मिलने पर भी स्पष्टीकरण लिया जा सकता है। 31 अगस्त से 30 सितंबर तक छूटे नामों को लेकर दावा पेश करने का मौका दिया गया है। इसलिए ड्राफ्ट में नाम नहीं होना अंतिम तौर पर मतदाता सूची से बाहर होना नहीं माना जा सकता।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम के मुताबिक, एसआईआर के दौरान 2.07 करोड़ मतदाताओं को ‘अनकलेक्टेबल एन्यूमरेशन फॉर्म’ श्रेणी में रखा गया है। यह संख्या राज्य के कुल 9.78 करोड़ मतदाताओं की करीब 21.15 प्रतिशत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मतदाताओं को स्थायी रूप से मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। यह केवल ड्राफ्ट सूची से संबंधित स्थिति है। अंतिम सूची जारी होने से पहले दावे और आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया होगी।

महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मामलों में 75.52 लाख मतदाता अनुपस्थित या पता नहीं चलने वाले बताए गए हैं। 76.80 लाख मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया गया है। 34.81 लाख नाम मृत मतदाताओं की श्रेणी में रखे गए हैं। 17.63 लाख नाम डुप्लीकेट या दूसरी जगह पंजीकृत होने से जुड़े हैं। इसके अलावा 2.23 लाख मामले अन्य कारणों से हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन श्रेणियों का निर्धारण घर-घर सत्यापन के आधार पर किया गया।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा है कि ड्राफ्ट चरण में 100 प्रतिशत सटीकता का दावा नहीं किया गया है। बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाताओं के घर कम से कम एक बार जाने और जरूरत पड़ने पर तीन बार तक प्रयास करने को कहा गया था। लेकिन शहरों में बड़ी संख्या में लोग काम के कारण शाम सात या आठ बजे के बाद घर लौटते हैं। ऐसे में सत्यापन में व्यावहारिक दिक्कतें भी सामने आई हैं। अधिकारियों ने माना है कि कुछ वास्तविक मतदाता भी गलती से इस श्रेणी में आ सकते हैं।

📰 संदर्भ एवं प्राथमिक स्रोत (Source Attribution):
मूल संदर्भ: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News) · मूल स्रोत देखें ↗
यह रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्राथमिक समाचार स्रोतों व रणनीतिक संदर्भों के आधार पर संकलित की गई है।
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हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

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