● LIVE
BSE SENSEX 76,980.59
NIFTY 50 24,060.00
GOLD (10g) ₹1,60,815
SILVER (1kg) ₹86,400
USD/INR ₹83.94
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
मंगलवार, 08 सितंबर 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
राजनीति

एससी-एसटी एक्ट: खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण के मामले में पहली एफआईआर दर्ज; कांग्रेस का विरोध जारी

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कुछ लोगों ने शुद्धिकरण हवन कराया, जिसे एससी समाज से आने वाले खरगे का अपमान बताते हुए महिला अधिवक्ता अंजू ने 15 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी।
एससी-एसटी एक्ट: खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण के मामले में पहली एफआईआर दर्ज; कांग्रेस का विरोध जारी हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)
📌 मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
  • एससी-एसटी एक्ट: खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण के मामले में पहली एफआईआर दर्ज; कांग्रेस का विरोध जारी
  • हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कुछ लोगों ने शुद्धिकरण हवन कराया, जिसे एससी समाज से आने वाले खरगे का अपमान बताते हुए महिला अधिवक्ता अंजू ने 15 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी।

नई दिल्ली: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कुछ लोगों ने शुद्धिकरण हवन कराया, जिसे एससी समाज से आने वाले खरगे का अपमान बताते हुए महिला अधिवक्ता अंजू ने 15 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी।

🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कुछ लोगों ने शुद्धिकरण हवन कराया, जिसे एससी समाज से आने वाले खरगे का अपमान बताते हुए महिला अधिवक्ता अंजू ने 15 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी। इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?

इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
अ…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 4 मिनट पहले

इस देश के प्रधानमंत्री पाते हैं सबसे ज़्यादा सैलरी, अब हुई और भी बढ़ोतरी

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री समेत मंत्रियों और अन्य शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों के सालाना वेतन में बढ़ोतरी का फ़ैसला…

यह विश्लेषण जारी रखें ➔