विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में अत्यधिक बारिश, जलभराव और अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में दो सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने मंगलवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी किया।
सभी बोर्ड के विद्यालय रहेंगे बंद आदेश के अनुसार जिले के परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संचालित हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालय बुधवार को बंद रहेंगे। हालांकि सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहकर ऑपरेशन कायाकल्प, डीबीटी, यू-डायस समेत अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
शारदा नदी में 1.87 लाख क्यूसेक पानी, बढ़ा बाढ़ का खतरा बनबसा बैराज से मंगलवार शाम करीब पांच बजे शारदा नदी में 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम छह बजे तक बैराज का डिस्चार्ज 1,87,232 क्यूसेक था। पलिया में शारदा नदी का जलस्तर 154.120 सेमी दर्ज हुआ, जबकि खतरे का निशान 154.590 सेमी है। इससे पलिया-भीरा और निघासन क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बाढ़, जलभराव और कटान का खतरा बढ़ गया है।
इन इलाकों में जलभराव की आशंका देर रात तक जलस्तर बढ़ने की आशंका है। निघासन तहसील में ग्रंट नंबर 12 और उसके मजरा रंडौहा के अलावा दौलतापुर, खमरिया, बैलहा, लालपुर और लुधौरी समेत इनके मजरों में जलभराव की आशंका है। पहले से कटान की मार झेल रहे ग्रंट नंबर 12 के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक जलस्तर बढ़ने के साथ कटान का खतरा भी बढ़ जाता है।
रेल सेवाएं बाधित एक सितंबर को भारी बारिश से कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। शारदा के बढ़ते जलस्तर का असर मैलानी-नानपारा रेलखंड पर भी पड़ा है। भीरा और पलिया के बीच रेलवे लाइन के नीचे पानी के रिसाव के चलते रेल सेवाएं बाधित हुई हैं। रेलवे विभाग ने मौके पर निगरानी बढ़ाई है।
गांवों में अलर्ट जारी प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी के किनारे नहीं जाने और पानी बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव की व्यवस्था की जाएगी।