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क्या अमेरिका ईरान पर फिर दागेगा मिसाइलें?: संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर बढ़ी हलचल, भूमिगत अड्डों पर हमले की तैयारी

क्या अमेरिका ईरान पर फिर दागेगा मिसाइलें?: संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर बढ़ी हलचल, भूमिगत अड्डों पर हमले की तैयारी
क्या अमेरिका ईरान पर फिर दागेगा मिसाइलें?: संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर बढ़ी हलचल, भूमिगत अड्डों पर हमले की तैयारी हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

गूगल में + फ़ॉलो करें वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 09 Sep 2026 10:25 PM IST सार ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर 2026 में निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन में सुरंगों और उनके प्रवेश क्षेत्रों को मजबूत करने समेत कई काम सामने आए हैं। इसी बीच अमेरिका गहरे भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता विकसित कर रहा है और ट्रंप पिकैक्स पर हमले की चेतावनी दे चुके हैं। क्या यह ठिकाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम का नया सुरक्षित अड्डा बन रहा है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

ईरान में मानवीय संकट गहराया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स Link Copied

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन में इस साल निर्माण गतिविधियां अचानक तेज हुई हैं। छह साल की सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर विश्लेषकों का कहना है कि नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित इस पहाड़ी में लगातार काम चल रहा है। इसी बीच अमेरिका ईरान के ऐसे परमाणु ठिकानों पर हमला करने के तरीके तलाश रहा है, जो जमीन के बहुत नीचे बनाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही पिकैक्स माउंटेन पर संभावित कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ठिकाने पर कार्रवाई की संभावना कई बार जता चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि अमेरिका पिकैक्स पर जल्द हमला कर सकता है और वहां हो रही गतिविधियों पर उसकी नजर है। लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि यह पूरा ठिकाना ग्रेनाइट की पहाड़ी के भीतर गहराई में बनाया गया है। विश्लेषकों के मुताबिक इतनी मजबूत और गहरी संरचना को मौजूदा अमेरिकी भारी बमों से भी निशाना बनाना आसान नहीं होगा। यही वजह है कि ईरान के गहरे भूमिगत परमाणु ठिकाने अमेरिका के लिए सैन्य चुनौती बने हुए हैं।

अमेरिका के रक्षा प्रतिष्ठान में ऐसे हथियार और योजनाएं विकसित करने की कोशिश चल रही है, जो जमीन के बहुत नीचे मौजूद ठिकानों को निशाना बना सकें। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में अमेरिकी रक्षा विभाग की एक एजेंसी ने न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज में एक भूमिगत परीक्षण सुविधा की मरम्मत के लिए 12 लाख डॉलर का आपातकालीन ठेका दिया था। दस्तावेज में इसे तेजी से तैयार किए जाने वाले परीक्षण के तौर पर बताया गया था। इस काम से जुड़े लोगों के मुताबिक परीक्षण की तैयारी ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़ी थी और इसका उद्देश्य गहरे भूमिगत ठिकानों के खिलाफ अमेरिकी क्षमताओं को परखना हो सकता था।

सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक 16 से 18 फरवरी के बीच व्हाइट सैंड्स में एक दूरस्थ स्थान पर खुदाई का काम शुरू हुआ। यह जगह अमेरिकी रक्षा खतरा न्यूनीकरण एजेंसी और अमेरिकी रणनीतिक कमान से जुड़ी बताई गई है। वहां खुदाई के बाद निकली मिट्टी का ढेर बढ़ता दिखाई दिया और यह गतिविधि मार्च के मध्य तक जारी रही। यह परीक्षण स्थल भी ग्रेनाइट क्षेत्र में बनाया गया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी से यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुआ है कि वहां वास्तविक परीक्षण हुआ था या उस काम का अंतिम उद्देश्य क्या था। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस संबंध में तत्काल कोई जवाब नहीं दिया था।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
अ…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

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