● LIVE
BSE SENSEX 81,900.25 ▲ +520.30
NIFTY 50 25,052.10 ▲ +160.40
GOLD (10g) ₹71,850 ▲ +₹180
USD/INR ₹83.92 ▬ 0.00
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
रविवार, 30 अगस्त 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
राजनीति

खड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए सही है या ग़लत? डॉक्टर से जानिए

आपने इंटरनेट पर कई ऐसे वीडियो देखे होंगे जिनमें कहा जाता है कि खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, बल्कि बैठकर पीना चाहिए. लेकिन, सच क्या है, ग़लतफ़हमी क्या है और विज्ञान क्या कहता है?
खड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए सही है या ग़लत? डॉक्टर से जानिए हिंदीबात विशेष
तस्वीर: हिंदीबात संपादकीय डेस्क (प्रतीकात्मक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: साइन इनBBC News, हिंदीसामग्री को स्किप करेंहोम पेजदेखिएसुनिएमेरी ख़बरेंसेक्शनहोम पेजभारतविदेशहेल्थमनोरंजनकरियरफ़ाइनेंसखेलविज्ञान-टेक्नॉलॉजीसोशलभारतविदेशहेल्थमनोरंजनकरियरफ़ाइनेंसखेलविज्ञान-टेक्नॉलॉजीसोशलखड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए सही है या ग़लत? डॉक्टर से जानिएइमेज स्रोत, getty

लोड हो रहा हैलोड हो रहा हैआपने इंटरनेट पर कई ऐसे वीडियो देखे होंगे जिनमें कहा जाता है कि खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, बल्कि बैठकर पीना चाहिए.

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

कहा जाता है कि खड़े होकर पानी पीने से शरीर का फ्लूइड बैलेंस बिगड़ सकता है, अपच हो सकती है और जोड़ों में दर्द भी हो सकता है.

वहीं, खड़े होने की तुलना में बैठकर पानी पीना ज़्यादा शांतिपूर्ण और स्थिर होता है. इसीलिए परिवार के बड़े-बुज़ुर्ग हमेशा कहते हैं कि पानी बैठकर पीना चाहिए.

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

लेकिन, सच क्या है, ग़लतफ़हमी क्या है और विज्ञान क्या कहता है? आइए जानते हैं कि डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं.

'पानी न पीना ज़्यादा ख़तरनाक है'इमेज स्रोत, getty

एलोपैथिक, आयुर्वेदिक डॉक्टर भी खड़े होकर पानी पीने के बजाय बैठकर पानी पीने की सलाह देते हैं.

हालांकि, डॉक्टर यह भी कहते हैं कि खड़े होकर पानी पीने से सेहत को कोई ख़तरा होता है, जोड़ों का दर्द होता है या कोई और समस्या होती है, इस बात को साबित करने के लिए कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत या रिसर्च मौजूद नहीं है.

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सर्जन डॉ. सेंथिल कुमार गणपति का कहना है कि पानी न पीना ज़्यादा ख़तरनाक है. पानी न पीने के बजाय खड़े होकर पानी पीना हमेशा बेहतर होता है.

हालांकि, जब उनसे हमने यह सवाल पूछा कि "क्या मुझे खड़े होकर पानी पीना चाहिए या बैठकर?", तो वे कहते हैं, "बैठकर पानी पीना बेहतर है."

डॉ. गणपति कहते हैं, "खड़े होने के मुकाबले बैठने पर व्यक्ति ज्यादा शांत और स्थिर रहता है. इसलिए अगर आप बैठकर धीरे-धीरे पानी पीते हैं, तो यह भोजन नली से होते हुए ठीक तरह से पेट पेट यानी आंतों तक पहुंचता है."

उनके मुताबिक, खाना खाते समय बैठकर पानी पीना फ़ायदेमंद होता है. इससे खाना पचाने में मदद मिलती है. खाने के बीच-बीच में थोड़ा पानी पीने से खाना आसानी से भोजन नली से नीचे चला जाता है.

डॉक्टरों के अनुसार, लेटकर पानी पीना खड़े होकर या बैठकर पानी पीने की तुलना में ज़्यादा ख़तरनाक हो सकता है.

सरकारी मेडिकल ऑफ़िसर डॉ. चंद्रशेखरन कहते हैं, "अगर आप लेटकर पानी पीते हैं, तो पानी भोजन नली के बजाय सांस की नली में जा सकता है. इससे खतरा हो सकता है."

"पानी पीते समय लगभग 45-डिग्री के कोण पर सीधा बैठना सबसे अच्छा होता है. इससे पानी ठीक से पेट तक पहुँच पाता है. हालाँकि, इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि खड़े होकर पानी पीने से कोई खतरा या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है."

वहीं, डॉक्टर सलाह देते हैं कि पानी एक साथ ज्यादा मात्रा में पीने के बजाय धीरे-धीरे घूंट लेकर पीना चाहिए. उनका कहना है कि पानी पीते समय सिर पीछे करके एक ही बार में पानी पीने से बचना चाहिए.

वह कहते हैं, "सामान्य तापमान का पानी धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं, एक ही बार में ज्यादा पानी न पिएं. एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने से पानी गले में अटक सकता है और दम घुटने का खतरा हो सकता है."

डॉ. गणपति कहते हैं कि अगर आप खाना खाते समय नहीं, बल्कि प्यास लगने पर पानी पी रहे हैं, तो खड़े होकर भी पानी पी सकते हैं.

उनके अनुसार, शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए आप खड़े होकर पानी पी सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर मैराथन दौड़ने के बाद आपको बहुत प्यास लगी है, तो खड़े होकर पानी पीने से शरीर को तेज़ी से पानी की पूर्ति में मदद मिल सकती है.

डॉ. गणपति कहते हैं, "चूंकि आंतें सीधी नली जैसी नहीं होतीं, इसलिए इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता कि आप खड़े होकर पानी पीते हैं या बैठ कर. छोटी आंत लगभग 6 मीटर लंबी होती है और बड़ी आंत लगभग 2 मीटर लंबी. शरीर में ये आंतें सीधी नहीं, बल्कि मुड़ी हुई होती हैं. इसलिए, व्यक्ति के खड़े होने या बैठने से पानी के आंतों तक पहुंचने पर कोई खास असर नहीं पड़ता."

लेकिन डॉ. गणपति धीरे-धीरे और छोटे-छोटे घूंट लेकर पानी पीने की सलाह देते हैं.

वह कहते हैं, "अगर आप जल्दी-जल्दी पानी पीते हैं, तो गले की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है और आपको असहज महसूस हो सकता है. जल्दबाज़ी में पानी पीने पर गले की मांसपेशियां उसे जल्दी निगलने की कोशिश करती हैं. ऐसे में पानी की कुछ बूंदें गलती से सांस की नली में जा सकती हैं और वहां अटक सकती हैं."

Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नयादेश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

सरकारी आयुर्वेदिक डॉक्टर बालमुरुगन का कहना है कि आयुर्वेद में पानी बैठकर पीना चाहिए या खड़े होकर, इस बारे में कोई ख़ास नियम नहीं है. हालांकि, पानी धीरे-धीरे और घूंट-घूंट करके पीने पर खास ज़ोर दिया जाता है.

डॉ. बालमुरुगन कहते हैं, "आयुर्वेद के अनुसार, पानी हमेशा मुंह बंद करके पीना चाहिए; खासकर पानी को होंठों से लगाकर और छोटे-छोटे घूंट लेकर पीना बेहतर होता है. आयुर्वेद में प्यास को शरीर की 13 ज़रूरतों में से एक माना गया है. अगर प्यास न बुझाई जाए, तो शरीर पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए, चाहे आप खड़े होकर पानी पिएं या बैठकर, सबसे ज़रूरी बात यह है कि प्यास लगने पर उसे नज़रअंदाज़ न करें और पानी पिएं."

डॉ. बालमुरुगन आगे कहते हैं, "अगर आप मुंह खोलकर पानी पीते हैं, तो पानी के साथ हवा भी पेट में जा सकती है. यह शरीर के लिए अच्छा नहीं है. इसलिए, अपने होंठ बंद रखें और धीरे-धीरे पानी पिएं. शरीर में ज़्यादा हवा जाने से आपको तुरंत कोई परेशानी महसूस नहीं होगी. हालांकि, अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्वास्थ्यपानीखान-पान और पोषणमेडिकल रिसर्चशॉर्ट वीडियो छोड़ें और जारी रखेंशॉर्ट वीडियोप्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

01:10 वीडियो, बुलेट ट्रेन मुसीबत में फंसी तो एक पक्षी से मदद मिली, अवधि 1,1000:36 वीडियो, व्हेल और डॉल्फ़िन को दूसरे महाद्वीप कैसे ले जाया गया, अवधि 0,3601:10 वीडियो, नेपाल: जब 97 साल की बुज़ुर्ग 'योद्धा' की तरह मुस्कुराईं, अवधि 1,1001:29 वीडियो, नेपाल: त्रिशूली में बाढ़ और भारी तबाही के बाद कैसे चल रहा है बचाव कार्य?, अवधि 1,2900:33 वीडियो, नेपाल: भारी बाढ़ के बीच कुछ यूं खड़ा रहा ये पुल, अवधि 0,3301:01 वीडियो, नेपाल में बाढ़: किसी को पति तो किसी को भाई की तलाश, अवधि 1,0100:53 वीडियो, नेपाल में बाढ़ के बाद बुज़ुर्ग महिला को ऐसे बचाया गया, अवधि 0,5301:32 वीडियो, नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़, 17 शव बरामद, अवधि 1,3200:52 वीडियो, नेपाल बाढ़ की ड्रोन फ़ुटेज, अवधि 0,5200:55 वीडियो, नेपाल में आई भीषण बाढ़, बहते दिखे कई गांव, अवधि 0,5500:27 वीडियो, जब गुरुग्राम की सड़क पर हो गया इतना बड़ा गड्ढा, अवधि 0,2701:09 वीडियो, पाकिस्तान: अस्पताल में आग लगने से 14 नवजातों की मौत, अवधि 1,0900:52 वीडियो, फ़िल्ममेकर कुकु कोहली को पत्नी अरुणा ईरानी ने दी अंतिम विदाई, अवधि 0,5201:32 वीडियो, चीनी की जगह मिठास के लिए और विकल्प क्या हैं?, अवधि 1,3200:46 वीडियो, गुरमीत राम रहीम फिर जेल से बाहर, अवधि 0,46शॉर्ट वीडियो का अंत

लाइव, भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता वाले बयान पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नेता ने क्या कहा?नेपाल: बाढ़ को लेकर इतनी अलग-अलग ख़बरें क्यों आ रही हैं और सच क्या है?2 घंटे पहलेज़रूर पढ़ेंआरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क में प्रोग्राम और ममदानी के विरोध पर अमेरिकी मीडिया में कैसी बहस29 अगस्त 2026आरक्षण पर उठ रही ये मांगें, कैसे जवाब देगी बीजेपी?- द लेंस29 अगस्त 2026अंतरराष्ट्रीय मदद लेने का फ़ैसला नेपाल ने एक ही दिन में क्यों बदला, वहाँ के मीडिया में कैसी चर्चा29 अगस्त 2026तिब्बत में बाढ़ से तबाही कितनी हुई है, जानिए वहाँ क्यों है इतनी ख़ामोशी 29 अगस्त 2026नेपाल: शवों को रखने के लिए हॉस्पिटलों में जगह नहीं, महामारी की आशंका 29 अगस्त 2026हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए अहम क्यों है नेपाल29 अगस्त 2026'बोस्निया का क़साई' रात्को म्लादिच जिसने मुसलमानों को घेरकर मारा था28 अगस्त 2026सबसे अधिक लोकप्रिय1मोहन भागवत ने मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की सोच वाले हिंदुओं पर ये कहा2'किडनैप कर ज़िंदा जलाया', कौन थीं इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई3नेपाल बाढ़: इस घर की बालकनी में फँसे लोगों का क्या हुआ? 4अंतरराष्ट्रीय मदद लेने का फ़ैसला नेपाल ने एक ही दिन में क्यों बदला, वहाँ के मीडिया में कैसी चर्चा5लाइवनेपाल: बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हुई, प्रशासन ने जारी की ये चेतावनी6चेन्नईः 19 महीने के बच्चे का अंगदान करने वाली मां ने फिर मुड़कर उसे नहीं देखा7खड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए सही है या ग़लत? डॉक्टर से जानिए8मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद 'शुद्धीकरण' का मामला क्यों तूल पकड़ा, राहुल गांधी ने क्या कहा9नेपाल: बाढ़ को लेकर इतनी अलग-अलग ख़बरें क्यों आ रही हैं और सच क्या है?10तिब्बत में बाढ़ से तबाही कितनी हुई है, जानिए वहाँ क्यों है इतनी ख़ामोशी BBC News, हिंदीआप बीबीसी पर क्यों भरोसा कर सकते हैंइस्तेमाल की शर्तेंबीबीसी के बारे मेंनिजता की नीतिकुकीज़बीबीसी से संपर्कअन्य भाषाएँDo not share or sell my infoबीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

📌 पारदर्शी स्रोत व संपादन: बीबीसी हिंदी (BBC Hindi News) | हिंदीबात संपादकीय टीम द्वारा 5W1H तथ्य सत्यापन मॉडल के तहत परीक्षित व प्रकाशित।
ब…

बीबीसी हिंदी ब्यूरो

अंतरराष्ट्रीय संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी अभी

पीएम का ताशकंद दौरा LIVE: उज्बेकिस्तान में भारतवंशियों के बीच प्रधानमंत्री, बिखरे तिरंगे और संस्कृति के रंग

पीएम का ताशकंद दौरा LIVE: उज्बेकिस्तान में भारतवंशियों के बीच प्रधानमंत्री, बिखरे तिरंगे और संस्कृति के रंग

यह विश्लेषण जारी रखें ➔