विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम मध्य प्रदेश दमोह अनूपपुर अशोकनगर आगर मालवा इंदौर उज्जैन More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला 1 Link Copied
जन्मदिन के बाद पार्टी का दिया था आश्वासन मामला दमोह सिविल कोर्ट से जुड़ा बताया गया है। नोटिस के अनुसार विवेकानंद नगर निवासी 32 वर्षीय विशाल सिंह राजपूत और अधिवक्ता गोविंद तिवारी के बीच मित्रता है। नोटिसकर्ता का दावा है कि 10 अगस्त को गोविंद तिवारी का जन्मदिन था। इस अवसर पर साथी अधिवक्ताओं और मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाया था। नोटिस में दावा किया गया है कि जन्मदिन के बाद गोविंद तिवारी ने मित्रों को पार्टी देने का मौखिक आश्वासन दिया था। इसके बाद पार्टी को लेकर दोनों के बीच बातचीत होती रही।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
तय समय पर फोन नहीं उठाने का आरोप नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 23 अगस्त की शाम करीब 7 बजे विशाल सिंह राजपूत ने गोविंद तिवारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद रात करीब 8 बजे भी फोन करने की कोशिश की गई। नोटिस के मुताबिक रात 9 बजे तक इंतजार करने के बावजूद न तो पार्टी हुई और न ही फोन पर संपर्क हो सका। इसके बाद नोटिसकर्ता को कथित तौर पर मानसिक परेशानी और तनाव का सामना करना पड़ा।
होटल में भोजन और इलाज का खर्च होने का दावा कानूनी नोटिस में दावा किया गया है कि रात करीब 10 बजे मजबूरी में होटल में भोजन करने पर 1,750 रुपये खर्च हुए। इसके बाद तबीयत बिगड़ने की बात भी नोटिस में कही गई है। नोटिस के अनुसार अगले दिन जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराया गया, जहां से जबलपुर जाने की सलाह दिए जाने का दावा है। इसके बाद डॉ. मनीष पटेल से उपचार कराने में 39,500 रुपये खर्च होने की बात कही गई है। नोटिसकर्ता ने होटल के भोजन और उपचार पर हुए 1,750 रुपये तथा 39,500 रुपये के खर्च को जोड़कर कुल 41,250 रुपये की आर्थिक क्षति का दावा किया है।
दोस्तों के बीच मजाक उड़ाने का भी आरोप नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि पार्टी का आश्वासन पूरा नहीं होने के बाद दोस्तों के बीच नोटिसकर्ता का मजाक बनाया गया। इसके कारण उसे मानसिक परेशानी होने की बात कही गई है। इसी आधार पर नोटिस में आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए भी क्षतिपूर्ति की मांग की गई है।
सात दिन में क्षतिपूर्ति देने की मांग अधिवक्ता कमल सिंह ठाकुर की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में गोविंद तिवारी से नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर कथित रूप से तय पार्टी देने और 41,250 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने की मांग की गई है। इसके अलावा कानूनी नोटिस भेजने में हुए 2,000 रुपये के खर्च का भुगतान करने की भी मांग की गई है। नोटिस में मांग पूरी नहीं किए जाने की स्थिति में उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाने की चेतावनी दिए जाने का उल्लेख है।
दूसरे पक्ष के जवाब का इंतजार जन्मदिन की पार्टी के कथित आश्वासन से शुरू हुआ यह मामला अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। फिलहाल विवाद नोटिस के स्तर पर है। किसी न्यायालय द्वारा इस मामले में लगाए गए आरोपों या क्षतिपूर्ति की मांग पर कोई निर्णय होने की जानकारी सामने नहीं आई है। कानूनी रिपोर्टिंग के लिहाज से नोटिस में लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य या न्यायालय का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। दूसरे पक्ष का जवाब या न्यायालय में आगे की कार्यवाही सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।