विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली-एनसीआर गुरुग्राम गाजियाबाद नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
मॉब लिंचिंग के डर से भागा भागने का कारण बताते हुए उसने कहा कि वह अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ था। वहां 20-22 बाइकर्स का ग्रुप था, और उसे डर था कि रुकने पर उग्र बाइकर्स उनके साथ मारपीट कर सकते हैं।
पीड़िता (सिया) के आरोप सिया का आरोप है कि कार सवार लगातार उनके ग्रुप का पीछा कर रहे थे, अभद्रता कर रहे थे और बाइक रोकने का दबाव बना रहे थे। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी नशे में लग रहे थे और ओवरटेक करते समय जानबूझकर उनकी स्पोर्ट्स बाइक में साइड से जोरदार टक्कर मारी गई, जिससे वह कई मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गईं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
पुलिस का एक्शन और जांच वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सेक्टर 56 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (रैश ड्राइविंग) और 125 (चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन विशेष टीमें गठित एसीपी (मुख्यालय) अभिलाष जोशी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं और विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार सेना में कार्यरत मनीष नाम के व्यक्ति की है, जिसने अपने दोस्त कल्याण बैंसला को वह कार चलाने के लिए दी थी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पीड़िता के पिता ने मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने पर हैरानी जताई है। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई घटना और महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सिया ने अपने इंस्टाग्राम पर जानकारी दी है कि वह सोमवार शाम तक अपने वकील के साथ औपचारिक एफआईआर दर्ज कराएंगी। उन्होंने मीडिया से अपनी पहचान और चेहरा गुप्त रखने का भी आग्रह किया है। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी बैंसला ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है।