विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली दिल्ली-एनसीआर गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए स्लीपर बस में सवार हुई 17 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ चालक और कंडक्टर के सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के बयान के आधार पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि वारदात नोएडा में हुई। घटना के बाद आरोपी छात्रा को दिल्ली में कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र में रिंग रोड के किनारे उतारकर फरार हो गए। पीड़िता के थाने पहुंचने पर पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के तहत सीमा विवाद में उलझे बिना मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। आरोपी कानपुर देहात के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पीड़िता खुद पहुंची थी थाने उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के मुताबिक, चार अगस्त की रात करीब 17 साल की लड़की कश्मीरी गेट थाने पहुंची। उसने बताया कि परी चौक से सेक्टर-63 जाने के दौरान स्लीपर बस में चालक और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल उसका मेडिकल कराया और बयान के आधार पर मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कुछ ही घंटों में बस की पहचान कर उसे वजीराबाद की पार्किंग से जब्त कर लिया गया। चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर से गिरफ्तार किया गया।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
पुलिस ने कब्जे में ली बस पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर क्राइम और फोरेंसिक टीम से उसकी जांच कराई। टीम ने बस के भीतर से कई साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब आरोपियों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों का मिलान कर रही है। छात्रा को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया, जहां से आदेश के बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
बस के शीशे में लगे थे पर्दे जांच के दौरान पुलिस ने बस के भीतर गहरे रंग के पर्दे लगे पाए। इन पर्दों की वजह से बाहर से बस के अंदर का दृश्य आसानी से दिखाई नहीं देता था। चालक की सीट के पास स्टेयरिंग पर कंबल रखा मिला। दोनों तरफ की सीटों के बीच बने खाली गलियारे में चादर बिछी थी। पुलिस के अनुसार, इसी जगह वारदात को अंजाम दिए जाने का आरोप है। क्राइम और फोरेंसिक टीम ने बस से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने बस में मौजूद सामान को भी सुरक्षित कर लिया है। बस विश्वनाथ कंपनी की बताई गई है। जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि बस में सुरक्षा मानकों के अनुरूप कौन-कौन से उपकरण मौजूद थे और उनकी स्थिति क्या थी।