विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश मैनपुरी लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी चौक बस अड्डे के पास तक 4 अगस्त की रात चलती बस में चालक और परिचालक द्वारा 16 वर्षीय छात्रा के साथ की गई सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को 25 दिन तक दिल्ली पुलिस छुपाए रही। इस पर राजनीति गरमा गई है।
सपा ने खोला मोर्चा समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने घटना को अत्यंत भयावह और शर्मनाक बताते हुए संसद में उठाने का एलान किया है। वहीं किशनी विधायक ने इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाने की बात कही है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
घटना भयावह और शर्मनाक सपा सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा घटना अत्यंत भयावह और शर्मनाक है। महिला सुरक्षा के तमाम दावों के बीच इस तरह की घटनाएं भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करती हैं। सांसद ने बताया कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से मामले की जानकारी मिली। 31 अगस्त को फोन पर यूपी के डीजीपी से बात की। उनसे एफआईआर की मांग की। इसके अलावा दिल्ली पुलिस से भी बात की। उनसे भी एफआईआर की कॉपी मांगी गई। मगर उन्होंने एफआईआर तक देने से मना कर दिया।
परिवार की मदद करेगी सपा कहा कि एफआईआर पीड़ित परिवार को दी जाएगी। पीड़ित परिवार से भी एक माध्यम से फोन पर प्रवक्ता गौरव ने वार्ता की। मगर अभी तक पीड़ित परिवार को भी एफआईआर की कॉपी तक मुहैया नहीं कराई गई है। सांसद ने बताया कि किशनी के विधायक बृजेश कठेरिया को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सोमवार को उनके गांव भेजा था। मगर वहां ताला लटका हुआ मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दबाव में दिल्ली पुलिस ने परिवार और पीड़िता को डरा-धमकाकर छिपा कर रखा है। पीड़ित परिवार को सपा की तरफ से हर संभव कानूनी व आर्थिक मदद दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
संसद और विधानसभा में गूंजेगा मुद्दा सांसद डिंपल यादव ने स्पष्ट किया कि इस अमानवीय घटना और पुलिस की हीलाहवाली का मुद्दा संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। वहीं, किशनी विधानसभा से सपा विधायक बृजेश कठेरिया पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे, जहां मकान में ताला लगा मिला। विधायक ने कहा कि पुलिस परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है, इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश विधानसभा के पटल पर उठाया जाएगा।