● LIVE
BSE SENSEX 76,980.59
NIFTY 50 24,060.00
GOLD (10g) ₹1,60,815
SILVER (1kg) ₹86,400
USD/INR ₹83.94
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
मंगलवार, 01 सितंबर 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
स्वास्थ्य

चिंता: लाइफस्टाइल-डाइट सबकुछ ठीक फिर भी हो रही डायबिटीज, 2050 तक 30% बढ़ सकते हैं मामले; आखिर क्या है वजह?

दुनिया के कई देशों में टाइप-1 डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अकेले ब्रिटेन में 2049 तक मरीजों की संख्या 4.20 लाख से अधिक होने का अनुमान है। यह बीमारी मोटापे या खराब खान-पान के कारण नहीं, बल्कि ऑटोइम्यून प्रक्रिया से होती है।
चिंता: लाइफस्टाइल-डाइट सबकुछ ठीक फिर भी हो रही डायबिटीज, 2050 तक 30% बढ़ सकते हैं मामले; आखिर क्या है वजह? हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम लाइफ स्टाइल हेल्थ एंड फिटनेस फैशन फूड यात्रा रिलेशनशिप More •••

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

कम उम्र में टाइप-1 डायबिटीज के मामले - फोटो : Freepik.com क्या हो सकती है बढ़ते मामलों की वजह? किंग्स कॉलेज लंदन की विशेषज्ञ डॉ. रोसिएरेड ब्राउनसन-स्मिथ कहती हैं, टाइप-1 डायबिटीज में हो रही यह बढ़ोतरी इतनी तेज है कि इसे केवल हमारे जीन में बदलाव से नहीं समझा जा सकता।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे किसी एक पर्यावरणीय कारण को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। कई अलग-अलग कारक एक साथ मिलकर आनुवंशिक रूप से संवेदनशील लोगों पर अटैक कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि वायु प्रदूषण ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

टाइप-1 डायबिटीज को लेकर टेंशन - फोटो : Freepik.com दुनियाभर में टाइप-1 डायबिटीज को लेकर चिंता यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज की वार्षिक बैठक में इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जाना है। अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल टाइप-1 डायबिटीज के सामने आने वाले नए मामलों की संख्या करीब 14 प्रतिशत बढ़ सकती है।  डेनमार्क के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ सदर्न के विशेषज्ञों के मुताबिक, टाइप-1 डायबिटीज के बढ़ते मामलों की एक बड़ी वजह यह भी है कि अब लोगों में इस बीमारी की निदान भी तेजी से हो रहा है, मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

डॉ. ब्राउनसन-स्मिथ कहते हैं, जिन लोगों को कम उम्र में टाइप-1 डायबिटीज का पता चलता है, वे अगर इंसुलिन, ग्लूकोज मॉनिटरिंग और डायबिटीज की नियमित देखभाल कर लें तो इसके खतरे को कम किया जा सकता है। टाइप-1 डायबिटीज के इलाज में रोजाना इंसुलिन लेना जरूरी होता है। हालांकि वैज्ञानिकों ने हालिया शोध में कई कारगर वीकली इंसुलिन शॉट के बारे में जानकारी दी है, जिसमें मरीजों को रोज-रोज नहीं बल्कि हफ्ते में बस एक दिन इंजेक्शन लेने की जरूरत होती है।

डायबिटीज और इसके खतरे - फोटो : Adobe Stock गरीब देशों में खतरा ज्यादा विशेषज्ञ कहते हैं, टाइप-1 डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ने का असर खास तौर पर गरीब देशों में ज्यादा गंभीर हो सकता है, क्योंकि वहां इंसुलिन और दूसरे जरूरी इलाज तक पहुंच सीमित है। शोध टीम ने नीति निर्माताओं से अपील की है कि वे बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए यह सुनिश्चित करें कि सभी मरीजों को जरूरी इलाज मिल सके। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ डायबिटीज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ेगा।

विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर आपको बच्चे में इस तरह की दिक्कत लगातार बनी रहती है तो समय रहते डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। बच्चों में  टाइप-1 डायबिटीज का निदान सबसे ज्यादा किया जाता रहा है।

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

📰 संदर्भ एवं प्राथमिक स्रोत (Source Attribution):
मूल संदर्भ: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News) · मूल स्रोत देखें ↗
यह रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्राथमिक समाचार स्रोतों व रणनीतिक संदर्भों के आधार पर संकलित की गई है।
अ…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 4 घंटे पहले

आरआरसी वैकेंसी: दक्षिणी रेलवे में अप्रेंटिस के 4471 पदों पर भर्ती, कौन और कब तक कर सकते हैं आवेदन? जानें नियम

दक्षिणी रेलवे ने अप्रेंटिस भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत 4,471 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इच्छु…

यह विश्लेषण जारी रखें ➔