- जन्माष्टमी: राधा-रुक्मिणी नहीं, यहां सुदामा संग विराजते हैं कृष्ण; 5000 साल पुरानी दोस्ती के गवाह गट्ठर वृक्ष
- उज्जैन की महिदपुर तहसील के नारायणा गांव स्थित नारायणा धाम को कृष्ण-सुदामा की मित्रता से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।
- यहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ सुदामा की पूजा की जाती है।
नई दिल्ली: उज्जैन की महिदपुर तहसील के नारायणा गांव स्थित नारायणा धाम को कृष्ण-सुदामा की मित्रता से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ सुदामा की पूजा की जाती है।
🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम
उज्जैन की महिदपुर तहसील के नारायणा गांव स्थित नारायणा धाम को कृष्ण-सुदामा की मित्रता से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ सुदामा की पूजा की जाती है। इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?
इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।