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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
गूगल में + फ़ॉलो करें न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Mon, 07 Sep 2026 06:18 PM IST सार सागर जहरीली शराब कांड में यूपी कनेक्शन को लेकर एमपी और यूपी पुलिस के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। सागर एसपी ने ललितपुर कनेक्शन बताया, जबकि ललितपुर के एसपी ने जानकारी को भ्रामक बताया। मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।
शराबकांड को लेकर एमपी-यूपी पुलिस आमने-सामने - फोटो : अमर उजाला 1 Link Copied
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
जहरीली शराब कांड में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से शराब आने के सागर पुलिस के दावे को लेकर अब नया विवाद सामने आया है। ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने सागर पुलिस के इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ललितपुर जिले में इस प्रकार की कोई अवैध शराब बनाए जाने की जानकारी नहीं है।
ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सागर पुलिस की ओर से मीडिया में यूपी कनेक्शन को लेकर जो जानकारी दी गई है, वह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि यदि सागर पुलिस के पास ललितपुर से अवैध या जहरीली शराब आने से जुड़े कोई तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाए।
दरअसल, सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने जहरीली शराब कांड की जांच के दौरान मीडिया को बताया था कि सागर में पहुंची जहरीली शराब का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से जुड़ा है। अब ललितपुर एएसपी के बयान के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के दावों में अंतर सामने आया है।
मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर, जिला सागर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक/अवैध शराब का सेवन था या नहीं। शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया, इसकी भी पड़ताल होगी।
जांच में संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं, घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को सभी बिंदुओं की जांच कर स्पष्ट अभिमत के साथ जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।