- जानिए हिन्दी को क्यों नहीं दिया गया है राष्ट्रभाषा का दर्जा
- 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 से अनुच्छेद 351 के रूप में जो क़ानून बना उसमें हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया.।
नई दिल्ली: 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 से अनुच्छेद 351 के रूप में जो क़ानून बना उसमें हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया.
🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम
14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 से अनुच्छेद 351 के रूप में जो क़ानून बना उसमें हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया. इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?
इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।