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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर पर देशवासियों को बधाई देते हुए एक बार फिर आत्मनिर्भरता और स्वदेशी पर जोर दिया है। इंस्टाग्राम पर साझा की गई नई वीडियो रील में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध, संकट और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी दौरान उन्होंने लोगों से विदेश यात्रा, विदेश में शादी और सोने की खरीदारी को लेकर भी खास अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की विकास दर देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का प्रतिबिंब है। उन्होंने देशवासियों से इस रफ्तार को बनाए रखने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
पीएम मोदी ने कहा कि आज की मेहनत आने वाली पीढ़ी के सपनों को साकार करने का आधार बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत अपनी युवा पीढ़ी को विकसित भारत सौंपेगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे अपनी मेहनत और संकल्प में कोई कमी न रखें। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों के बीच लोगों से अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव की अपील की हो। इससे पहले 10 मई को एक रैली में उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सोने के आभूषणों की खरीदारी से बचने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल का गैर-जरूरी इस्तेमाल कम करने से देश की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों से जरूरत के मुताबिक ही पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल करने को कहा था।
10 मई के संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कम से कम एक साल तक सोने और सोने के नए आभूषण खरीदने से बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि घर में शादी या कोई बड़ा समारोह होने के बावजूद लोग इस अवधि में नए सोने के गहने न खरीदने का संकल्प ले सकते हैं।
पीएम मोदी ने देशहित में विदेशी मुद्रा बचाने को भी महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा था कि संकट के समय लोग देश के लिए अपना सोना तक देने को तैयार रहते थे। हालांकि, उन्होंने कहा था कि आज सरकार को लोगों के सोने के दान की जरूरत नहीं है, बल्कि खरीदारी को सीमित करना मददगार हो सकता है।