विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: साढ़े 3 साल में तीन शिक्षा मंत्रियों का निधन
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
झारखंड में शिक्षा विभाग संभालने वाले तीन मंत्रियों की लगातार मौतों ने इस पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है। जगरनाथ महतो के बाद रामदास सोरेन और अब शुद्धिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज एक दुखद संयोग है? हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक तीनों नेताओं के निधन की परिस्थितियां एक जैसी नहीं थीं। एक मामले में लंबे समय तक बीमारी से जूझने के बाद निधन हुआ, दूसरे मामले में गिरने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और अब वर्तमान शिक्षा मंत्री शुद्धिव्य कुमार सोनू के अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन की जानकारी सामने आई है।
झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके जगरनाथ महतो का लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था। उनके निधन के बाद शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले अगले मंत्री के तौर पर सरकार में बदलाव हुआ। उनके निधन को बीमारी से जोड़कर देखा गया था और उस समय भी झारखंड की राजनीति में शोक की लहर देखने को मिली थी।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
इसके बाद शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले रामदास सोरेन का निधन हुआ। बताया गया था कि बाथरूम में गिरने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उनके निधन ने भी झारखंड की राजनीति को झकझोर दिया था। अब उनके बाद शिक्षा विभाग संभाल रहे शुद्धिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन की खबर ने एक बार फिर पुराने घटनाक्रमों की ओर लोगों का ध्यान खींच दिया है।
अब शुद्धिव्य कुमार सोनू के निधन से चर्चा तेज
वर्तमान समय में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे शुद्धिव्य कुमार सोनू की बीती रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन होने की बात सामने आई है। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई। अचानक हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में झारखंड के पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम को जोड़कर देखा जाने लगा है।