विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली दिल्ली-एनसीआर गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत ढहने के हादसे को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एमसीडी ने तीन और इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
जानबूझकर निष्क्रियता बरतने का आरोप एमसीडी द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि इन अधिकारियों पर क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठाने और जानबूझकर निष्क्रियता बरतने का आरोप है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस अधिकारियों के मुताबिक, सत्य निकेतन में हुए इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा न जाए। अवैध निर्माण पर आंखें मूंदने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।
एमसीडी ने 41 भवन ध्वस्त किए और 61 संपत्तियां सील की सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ एमसीडी का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। एमसीडी ने गुरुवार को सभी 12 जोनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 41 संपत्तियों में ध्वस्तीकरण, जबकि 61 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा 32 कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ तीन संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए। उसने बुधवार को 75 व मंगलवार को 31 संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
1,355 पीजी भवनों का सर्वे किया एमसीडी ने दिल्लीभर में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासीय भवनों का व्यापक फील्ड सर्वेक्षण भी किया है। उसके अनुसार अब तक 1,355 भवनों की पहचान हुई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में करीब 27 हजार लोग रह रहे हैं। एमसीडी का कहना है कि सर्वेक्षण का उद्देश्य पीजी भवनों का विस्तृत डेटाबेस और उनके संबंध में आगे की नियामक एवं प्रवर्तन कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करना है। इससे पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही संपत्तियों, उनकी स्थिति और संभावित नियम उल्लंघनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।