विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली दिल्ली-एनसीआर गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत के बाद अब इस हादसे की वजह और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जांच में इमारत के निर्माण, उसमें हुए बदलाव और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने भी इलाके में इमारतों की हालत और निर्माण गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, एमसीडी और पुलिस की जांच में भी कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं।
2 of 10 Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला रेंट एग्रीमेंट की ऐसी शर्तें, स्वयं के साथ हादसे के लिए छात्र ही जिम्मेदार पीजी संचालक रेंट एग्रीमेंट में ऐसी बारीक शर्तें थोप देते हैं, जिससे किसी हादसे या घटना होने पर उनकी गर्दन बची रहे। कुछ ऐसा ही एग्रीमेंट 'हॉस्टल डेज' में रहने वाले छात्रों ने भी किया था। इंटरनेट मीडिया पर भी ऐसा ही एक रेंट एग्रीमेंट सोमवार को तेजी से प्रसारित होता रहा है। दरअसल, परेशानियों के बीच रहने की विवशता के चलते ज्यादातर जगहों पर छात्र इसी तरह के एकतरफा एग्रीमेंट के जाल में फंसते हैं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
3 of 10 Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला रेंट एग्रीमेंट में चेतावनी भी प्रसारित रेंट एग्रीमेंट में किराएदार की जिम्मेदारियों को विस्तार से बताया गया है। इसमें तीन महीने की सिक्योरिटी और एक महीने का एडवांस किराया देने की बात है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि एग्रीमेंट की अवधि खत्म होने से पहले किसी भी हालत में सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस नहीं किया जाएगा और चेतावनी दी गई है कि फर्नीचर या फिक्स्चर को हुए किसी भी नुकसान की भरपाई इसी डिपाजिट से की जाएगी।
4 of 10 Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला कोई भी हादसा हुआ तो छात्र खुद उसका जिम्मेदार एग्रीमेंट की बारीक शर्तों में यह भी लिखा है कि 'पीजी प्रशासन मेरे (छात्र के) साथ होने वाली किसी भी दुर्घटना या जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं है। एग्रीमेंट छात्रों को दीवारों पर पोस्टर या स्टिकर चिपकाने से भी रोकता है। कोई छात्र तय समय से पहले किसी भी कारण से चला भी जाता है, तो हास्टल फीस या सिक्योरिटी मनी का कोई रिफंड नहीं होगा।
5 of 10 Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला मंदिर में इधर-उधर घूम रहा था मालिक इमारत मालिक हरीराम गुप्ता भिवाड़ी में मंदिर में इधर-उधर घूमता रहा। वह दिल्ली से पत्नी व बेटे के साथ फरार हुए। उनकी पत्नी व बेटे गुरुग्राम में ही रहे, जबकि वह भिवाड़ी चले गए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह वकील की तलाश में घूम रहे थे। उन्होंने पूछताछ में अपनी गलतियां स्वीकार की हैं।