विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम शिक्षा देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
सुनवाई के दौरान पीठ ने वकील से कहा, "ऐसा लगता है कि यह व्यक्ति फुल-टाइम पीआईएल याचिकाकर्ता बन गया है। जहां भी परीक्षाएं होती हैं, आप याचिकाएं दायर करने लगते हैं। आपने पहले रोक लगाने के लिए याचिका क्यों दायर की थी? क्या यह आपके कहने पर किया गया था या याचिकाकर्ता सच में इसे दायर करने में दिलचस्पी रखता था? हम बार काउंसिल ऑफ इंडिया से आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेंगे।"
सुनवाई के दौरान वकील ने जयपुर में करीब 2,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो पाने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने इन अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की थी। यह परीक्षा 5 सितंबर को होनी है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
एनबीईएमएस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता नोएडा और पंजाब से हैं और वे इस व्यवधान से प्रभावित नहीं हुए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित वकील ने सोशल मीडिया पर सभी अभ्यर्थियों से टिप्पणियां और मामले मांगे थे, जिससे समस्या पैदा हुई।
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