विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: प्रदूषण उनके पानी को ज़हरीला बना रहा है.
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
बढ़ती आबादी नदियों को बर्दाश्त करने की हद से आगे धकेल रही है.
ऐसे में हमें नदी को सिर्फ़ इस्तेमाल किए जाने वाले एक भौतिक संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि अधिकारों वाले एक व्यक्ति के तौर पर देखना चाहिए.
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
एक नदी को व्यक्ति के तौर पर देखे जाने से क्या बदलेगा? इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं? 'दुनिया जहान' में इस हफ़्ते बात इसी पर.
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