विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश प्रयागराज लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
यूपी के प्रयागराज स्थित मांडा में कजरी पर्व पर जौ की जरई डुबाने कर्णावती नदी पहुंचीं पांच किशोरियों के साथ सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। नदी में एक किशोरी के डूबने पर उसे बचाने के प्रयास में चार अन्य भी तेज बहाव की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो किशोरियां नदी की तेज लहरों में समा गईं। देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। पीएसी की बाढ़ राहत टीम नाव के जरिए उनकी तलाश में जुटी थी।
जौ की जरई डुबाने गई थीं पांचों घटना मांडा क्षेत्र के सुरवां दलापुर गांव से करीब छह सौ मीटर दूर रामपुर सीरिया गांव के पास कर्णावती नदी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुई। सुरवां दलापुर निवासी शैलेन्द्र मिश्र की पुत्री शुभी मिश्रा (14), राजेश तिवारी उर्फ बबोले की पुत्रियां अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी (14) और अर्चिता उर्फ गुल्लू (12), श्यामशंकर मिश्र की पुत्री प्राप्ति मिश्रा (11) तथा रविंद्र की पुत्री राबी (13) कजरी पर्व को लेकर घर में बोई गई जौ की जरई नदी में डुबाने पहुंची थीं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
प्राप्ति को डूबता देख चारों ने नदी में बढ़ाया कदम बताया गया कि नदी में जरई डुबाने के दौरान अचानक प्राप्ति तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगी। उसे बचाने के लिए शुभी, अंकिता, गुल्लू और राबी आगे बढ़ीं तो वे भी नदी की तेज धारा में फंस गईं। किशोरियों की चीख-पुकार सुनकर नदी के ऊपर बने पुल पर खड़े हरिओम, आशुतोष और सूचित तिवारी ने तत्काल नदी में छलांग लगा दी। युवकों ने जान जोखिम में डालकर प्रयास किया और प्राप्ति, गुल्लू व राबी को नदी से बाहर निकाल लिया। वहीं शुभी और अंकिता तेज लहरों में बह गईं।
अधिकारियों के पहुंचने के बाद शुरू हुई तलाश हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा, तहसीलदार मेजा पवन सिंह और नायब तहसीलदार चंदन पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोपहर करीब 2:30 बजे डेंगुरपुर गांव से गोताखोर मुनीम निषाद, नकुल निषाद और विक्की को बुलाया गया। गोताखोरों ने दोनों किशोरियों की तलाश की, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
शाम पांच बजे पहुंची पीएसी की बाढ़ राहत टीम शाम करीब पांच बजे पीएसी की बाढ़ राहत टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नाव तैयार कर नदी में दोनों किशोरियों की तलाश शुरू कर दी। अंधेरा होने तक भी दोनों का कोई पता नहीं चल सका था। नदी में तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में कठिनाई आ रही थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल दो किशोरियों के नदी में डूबने की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन नदी किनारे पहुंचकर दोनों की सलामती की आस लगाए रहे। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी घटना के बाद मातम जैसा माहौल रहा।