एक करोड़ से अधिक बच्चों की परीक्षाएं कराने को लेकर एनटीए के सामने कंप्यूटर और परीक्षा ढांचे की बड़ी चुनौती है। एजेंसी ने इसे लेकर मंत्रालय और नीलेकणि समिति से अवसंरचना और बजट पर स्पष्ट नीति मांगी है।
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हिंदीबात संपादकीय डेस्क
डेस्क संपादक · नई दिल्ली
प्रकाशित:
02-09-2026
समय:
4 घंटे पहले · 4 मिनट पठन
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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में गठित एनटीए को एक सेल्फ फाइनेंस एजेंसी के रूप में मंजूरी दी थी। इसके गठन के समय सरकार ने 25 करोड़ रुपये का एकमुश्त बजट भी दिया था। बिजनेस रूल के मुताबिक, इसके बाद सारे खर्चें एनटीए को खुद उठाने थे। इसमें विभिन्न एजेंसियों की परीक्षाओं और ऑनलाइन आवेदन पत्र की फीस से प्राप्त होने वाली धनराशि से सारे खर्चें चलाने थे। हालांकि, अब यदि एनटीए को इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाने की मंजूरी मिलती है तो उसके लिए पहले कैबिनेट से बजट पास करना पड़ेगा।
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🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
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