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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
नुवाकोट में बाढ़ से बचे लोगों को 'नेपाल-भारत मैत्री भवन' में एक जरूरी ठिकाना मिला है। यहां भारत के सहयोग से चल रहा एक अस्पताल, 26 अगस्त को जिले में आई भयानक बाढ़ से बेघर हुए लोगों को रहने की जगह, मेडिकल सुविधा और जरूरी मदद दे रहा है।
बाढ़ से बचे कई लोगों के लिए यह जगह सिर्फ एक अस्पताल से कहीं बढ़कर है। ऊंची जगह पर बना 'मैत्री भवन' उन सैकड़ों लोगों के लिए रहने की सुरक्षित जगह बन गया है, जिनके घर और सामान 'भोटे कोशी नदी' की बाढ़ में नुवाकोट और आस-पास के इलाकों में बर्बाद हो गए थे।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
3 of 10 अस्पताल में लोगो का इलाज करते डॉक्टर - फोटो : एएनआई अस्पताल में कितने डॉक्टर हैं? उन्होंने बताया कि हर रात 100 से ज्यादा विस्थापित लोग इस सुविधा केंद्र में रह रहे थे। साथ ही आस-पास के होल्डिंग सेंटरों में रह रहे लोगों को भी मेडिकल मदद दी जा रही थी। उन्होंने कहा,'बाढ़ के बाद, लगभग छह लोग खुद हमारे पास आए थे। उन्हें मामूली चोटें आई थीं, जिनके लिए हमें टांके लगाने पड़े। एक व्यक्ति के टेंडन में भी चोट थी, जिसे हमने अगले दिन यहीं ठीक किया।'
गिरी ने बताया कि अस्पताल ने लगभग 11 डॉक्टर, पांच से सात नर्स और पांच से छह पैरामेडिक्स तैनात किए हैं। जरूरत पड़ने पर आस-पास के शेल्टरों में मोबाइल मेडिकल टीमें भी भेजी जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'अब दवाइयां काफी हैं। हमारे पास अच्छी सप्लाई है। सप्लाई चेन भी अब अच्छी हो गई है। हम सिर्फ इसी जगह तक सीमित नहीं हैं। हम मोबाइल टीमें भी भेजते हैं।'