विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश प्रयागराज लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
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दिवाली करीब आते ही पटाखों का कारोबार तेज हो जाता है। इसी के साथ रिहायशी इलाकों में चोरी-छिपे पटाखे बनाने और भंडारण का खतरा भी बढ़ जाता है। कौशाम्बी में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट इसी खतरे की भयावह तस्वीर सामने ले आया।
2 of 5 चारपाई पर पड़ी लाशें - फोटो : अमर उजाला खुफिया तंत्र को क्यों नहीं लगी भनक बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाके में इतने बड़े स्तर पर पटाखों का काम चल रहा था तो पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। जिस घर में पटाखों का कारोबार चल रहा था वहां बारूद और पटाखों का स्टॉक कैसे पहुंचता रहा। कच्चा माल कहां से आया और तैयार पटाखे कहां भेजे जा रहे थे। इन सवालों के जवाब अब जांच के केंद्र में होने चाहिए।