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गूगल में + फ़ॉलो करें वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 13 Sep 2026 08:55 AM IST सार सीआईए के जारी दस्तावेजों से पता चला है कि 9/11 से पहले ओसामा बिन लादेन भारत समेत कई देशों में हमले की योजना पर विचार कर रहा था। 1998 के दस्तावेज में भारत का नाम क्यों आया? अमेरिका को कितनी बार हमले की चेतावनी मिली थी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
अमेरिका में 9/11 हमले (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala Graphics Link Copied
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
9/11 के बाद क्या-क्या हुआ? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स 1998 के दस्तावेज में भारत का जिक्र 28 अगस्त 1998 के एक प्रेसिडेंशियल ब्रीफ में बताया गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले कराना चाहता था। इनमें भारत के अलावा पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया का भी जिक्र है। 'बिन लादेन आतंकवादी नेटवर्क अभी भी एक खतरा है' शीर्षक वाले इस दस्तावेज के कुछ हिस्से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसमें भारत को लेकर किसी खास ठिकाने, हमले की तारीख या किसी सटीक ऑपरेशनल प्लान की जानकारी नहीं दी गई है।
दस्तावेज में बताया गया कि बिन लादेन और अफगानिस्तान में मौजूद अन्य आतंकी नेताओं पर अमेरिका की कार्रवाई के बावजूद उनका नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। उनकी संचार व्यवस्था काम कर रही थी और कुछ आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण दोबारा शुरू हो गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, अल कायदा प्रमुख अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी आगे हमले करने की तैयारी में था। दस्तावेज में यह आकलन भी किया गया था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमलों के लिए कर सकता है।
अमेरिका में 9/11 हमले (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक अमेरिका को कई बार दी गई थी आतंकी हमले की चेतावनी सीआईए की ओर से जारी किए गए इन प्रेसिडेंशियल ब्रीफ से यह भी पता चलता है कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों को 1998 से 2001 के बीच कई बार संभावित आतंकी हमले को लेकर चेतावनी दी गई थी। इन दस्तावेजों का सिलसिला बिल क्लिंटन के राष्ट्रपति कार्यकाल से शुरू होकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल तक जाता है। CIA ने इसे अपनी बेहद संवेदनशील खुफिया सामग्री में अभूतपूर्व पारदर्शिता बताया है।
11 सितंबर 2001 को अल कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। हमले के बाद दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन से टकराया। चौथा विमान, जिसके बारे में माना जाता है कि उसका निशाना व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद थी, यात्रियों के विरोध के बाद पेंसिल्वेनिया के एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।