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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
गूगल में + फ़ॉलो करें सुनील मेहरोत्रा Updated Tue, 08 Sep 2026 08:45 PM IST सार मुंबई के जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी पीएमओ आईकार्ड दिखाकर हथियार के साथ घुसे रोहन पारिख और दिलीप कुंदे गिरफ्तार हुए। आईकार्ड की दो खामियों से पुलिस को शक हुआ। आखिर तीसरा आरोपी कौन है? फर्जी आईकार्ड कैसे बना? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
ऐसे खुली पकड़े गए संदिग्धों की पोल। - फोटो : Amar Ujala Graphics Link Copied
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
तकनीकी जांच के आधार पर सीआईयू की टीम खार पश्चिम की 12वीं रोड स्थित नीलिमा बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 601 पहुंची। वहां रोहन प्रेमल पारिख (24) मिला। पुलिस ने जब उससे पीएमओ में उसकी कथित तैनाती और मोबाइल में दिखाए गए डिजिटल आईकार्ड के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने आईकार्ड की बारीकी से जांच की। इसमें जारीकर्ता अधिकारी का पदनाम नहीं था। इसके अलावा आईकार्ड पर जारी होने की तारीख तो थी, लेकिन उसकी वैधता समाप्त होने की तारीख दर्ज नहीं थी। इन खामियों से पुलिस का संदेह पुख्ता हो गया और पूछताछ के बाद आईकार्ड के फर्जी होने का खुलासा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 204, 205, 3(5), 319(2), 335, 336, 337 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(अ) और 135 के तहत भी कार्रवाई की गई है। सीआईयू ने कार्रवाई के दौरान करीब एक लाख रुपये कीमत की रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस, होल्स्टर और करीब 90 हजार रुपये कीमत का वीवो स्मार्टफोन जब्त किया है। मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी पीएमओ आईकार्ड किस तरह तैयार किया गया?