विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: साइन इनBBC News, हिंदीसामग्री को स्किप करेंहोम पेजदेखिएसुनिएमेरी ख़बरेंसेक्शनहोम पेजभारतविदेशहेल्थमनोरंजनकरियरफ़ाइनेंसखेलविज्ञान-टेक्नॉलॉजीसोशलभारतविदेशहेल्थमनोरंजनकरियरफ़ाइनेंसखेलविज्ञान-टेक्नॉलॉजीसोशललाइव, मोहन भागवत का न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कार्यक्रमराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम शनिवार, 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित किया जाएगा.
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
01:32 वीडियो, नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़, 17 शव बरामद, अवधि 1,3200:52 वीडियो, नेपाल बाढ़ की ड्रोन फ़ुटेज, अवधि 0,5200:28 वीडियो, भारी बारिश के बाद वाराणसी में जलभराव, अवधि 0,2800:46 वीडियो, गुरमीत राम रहीम फिर जेल से बाहर, अवधि 0,4601:32 वीडियो, चीनी की जगह मिठास के लिए और विकल्प क्या हैं?, अवधि 1,3200:34 वीडियो, बच्चों को कंधे पर बिठाकर उफ़नती नदी पार करते लोग, अवधि 0,3401:28 वीडियो, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा सिखाने पर बोले फडणवीस, अवधि 1,28वीडियो का अंत
अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
- पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच क्या एससीओ बैठक में होगी मुलाक़ात?
- 'किडनैप कर ज़िंदा जलाया', कौन थीं इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई
- 'हेलो सरकार, हम सुरंग के आख़िर में हैं', नेपाल के हाईड्रोपावर सुरंगों में कितने लोग फंसे
- मलाला यूसुफ़ज़ई और ऐन फ़्रैंक की किताबें पढ़ने पर अहमदाबाद में हंगामा, क्या है पूरा मामला
- नेपाल बाढ़: इस घर की बालकनी में फँसे लोगों का क्या हुआ?
इमेज स्रोत, Satish Bate/Hindustan Times via Getty Images
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम शनिवार, 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित किया जाएगा.
भारतीय समयानुसार कार्यक्रम रात 11.30 बजे शुरू होगा और सुबह 3 बजे तक चलेगा.
‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ नाम से होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन संगठन ‘हिंदूज़ फ़ॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ फ़ोरम कर रहा है.
न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि वह इसका समर्थन नहीं करते.
उनका आरोप है कि 'आरएसएस की विचारधारा समावेशी नहीं है और यह समाज को बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देती है.'
हालांकि, ममदानी यह भी स्पष्ट किया कि यह एक निजी कार्यक्रम है, इसलिए इसे रद्द करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है.
संबंधित कहानी: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क में प्रोग्राम और ममदानी के विरोध पर अमेरिकी मीडिया में कैसी बहस
चीनी की बढ़ती क़ीमतों के ख़िलाफ़ कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में 'चीनी सत्याग्रह' शुरू करने की तैयारी कर रही है.
पार्टी ने इस आंदोलन की तुलना आज़ादी के आंदोलन के दौरान हुए महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह से की है.
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महंगाई का असर अब आम लोगों के घरेलू बजट पर साफ़ दिखाई दे रहा है और रोज़मर्रा की ज़रूरत की कई चीज़ें लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं.
बैज ने आरोप लगाया कि क़रीब 40 रुपये किलो मिलने वाली शक्कर की क़ीमत बढ़कर 70 से 75 रुपये किलो तक पहुँच गई है. उन्होंने कहा कि क़ीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.
दीपक बैज ने चीनी की क़ीमतों में बढ़ोतरी के पीछे गन्ने के इस्तेमाल को इथेनॉल उत्पादन से भी जोड़ा.
उन्होंने कहा, "देश में बड़े पैमाने पर गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जा रहा है, जिससे शक्कर की उपलब्धता प्रभावित हुई है. उन्होंने इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इससे वाहनों को नुक़सान हो रहा है."
"ब्रिटिश शासन के दौरान नमक पर लगाए गए कर के विरोध में महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह किया था. इसी तरह कांग्रेस अब चीनी की बढ़ती क़ीमत को आम लोगों के मुद्दे से जोड़कर ‘चीनी सत्याग्रह’ के ज़रिए सरकार के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराएगी."
उन्होंने कहा कि ‘चीनी सत्याग्रह’ केवल शक्कर की क़ीमतों तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें महंगाई, राशन व्यवस्था और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के ज़रिए महंगाई के मुद्दे को प्रदेशभर में उठाया जाएगा.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कई राशन दुकानों और सोसाइटियों में शक्कर और गुड़ उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने चने समेत कुछ अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने का भी आरोप लगाया.
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि बाढ़ आने से पहले नेपाल और चीन के अधिकारी आपदा के ख़तरे वाले इलाकों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने को लेकर बातचीत कर रहे थे.
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ख़नाल से पूछा गया था कि क्या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की कोई योजना थी.
इसके जवाब में उन्होंने कहा, "इस संबंध में दोनों देशों के बीच सक्रिय रूप से बातचीत चल रही थी, लेकिन दुर्भाग्य से इसी दौरान यह घटना हो गई."
दरअसल, चीन पर अर्ली वार्निंग सिस्टम को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, चीन ने उन आरोपों को ख़ारिज किया, जिनमें दावा किया गया कि उसकी तरफ़ से नेपाल को अलर्ट नहीं किया गया.
गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भयानक बाढ़ के बाद 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 2,426 लोग लापता हैं.
उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को लेकर शनिवार को देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सरकारी आवास का घेराव किया.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और राज्य सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी की और महेंद्र भट्ट पर दलित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों ने मामले में कार्रवाई की मांग की.
यह विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ से जुड़ा है.
कांग्रेस का आरोप है कि दलित समुदाय से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मैदान का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना छुआछूत को बढ़ावा देने वाला कृत्य है.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मामले में शिकायत के बावजूद अब तक एफ़आईआर नहीं हुई है.
अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी ने कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के मामले का संज्ञान लेने के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है. उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट के खिलाफ़ भी शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई.
इससे पहले शनिवार को दिल्ली में राहुल गांधी ने भी इस मामले को उठाते हुए दोषियों के खिलाफ़ एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी.
एनडीए का घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है.
जीतन राम मांझी ने शनिवार को कहा कि समाज में संकीर्ण सोच वाले लोग हैं, लेकिन इसका आरएसएस, एनडीए या बीजेपी से लेना-देना नहीं है.
मांझी ने कहा, "जगजीवन राम, रामनाथ कोविंद और मुझे भी ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा है... मेरा कहना यह है कि हमारे समाज में कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग हैं. इसका आरएसएस, एनडीए या बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है. मुद्दा यह है कि समाज में कुछ लोग ग़लत सोच रखते हैं. हम ऐसे लोगों की निंदा ज़रूर करते हैं, क्योंकि वे समाज के लिए अच्छे नहीं हैं."
इससे पहले राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में ‘शुद्धिकरण’ किया गया था, क्योंकि खड़गे दलित हैं.
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली होती है और 10 अगस्त को बीजेपी-आरएसएस के लोग उनके मंच का शुद्धिकरण करते हैं."
उन्होंने सवाल किया था कि इस मामले में अभी तक एफ़आईआर क्यों नहीं दर्ज हुई.
उन्होंने पीएम मोदी से अपील की कि इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की जाए.
इमेज स्रोत, Ambir Tolang/NurPhoto via Getty Images
भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में अब तक 88 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 287 भारतीय लापता हैं.
इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोग भी लापता बताए गए हैं.
इसके अलावा, नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने शनिवार को रसुवा में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों की पहचान रिपु कुमार, चनेश्वर नरजारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन के रूप में हुई है.
विदेश मंत्रालय ने बताया, "भारत से छह फ़ॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें शनिवार को काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है. ये टीमें मृतकों के अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के एनालिसिस में नेपाली अधिकारियों की मदद करेंगी."
मंत्रालय ने बताया, "सुरंग में बचाव अभियान के लिए भारत की एक विशेष तकनीकी टीम शुक्रवार को काठमांडू पहुंच चुकी है. टीम ने शनिवार से प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू कर दिया है और सुरंग में बचाव अभियान की संभावनाओं का जायज़ा ले रही है."
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, "टीम की सिफ़ारिशों के आधार पर उपकरणों से लैस विशेष सुरंग बचाव दल के भी शनिवार को नेपाल पहुंचने की उम्मीद है. शनिवार को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं."
इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
ममता बनर्जी पर तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से लगाई गई शर्तों के कथित उल्लंघन का आरोप है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक़, ममता बनर्जी के अलावा टीएमसीपी की बैठक के आयोजकों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस के मुताबिक़, एफ़आईआर हेस्टिंग्स थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अपू बैद्य की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी और कार्यक्रम के आयोजकों ने कथित तौर पर आपराधिक साज़िश रची और इसके तहत हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया.
अधिकारी ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान टीएमसीपी समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ दिए और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की. इसके चलते मौके पर अफ़रातफ़री की स्थिति पैदा हो गई.
टीएमसीपी का स्थापना दिवस कार्यक्रम शुक्रवार को कैथेड्रल रोड पर आयोजित किया गया था. इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मंगलवार को कार्यक्रम में उपस्थिति को 1,500 लोगों तक सीमित रखने के निर्देश दिए थे.
पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान इन निर्देशों के कथित उल्लंघन की शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि यह 'पॉलिटिकली मोटिवेटेड' एफ़आईआर है.
उन्होंने कहा, "हम हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान करते हैं और अदालत का भी सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की अदालत का भी सम्मान किया जाना चाहिए. हमने हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने की पूरी कोशिश की, लेकिन अगर ज़्यादा लोग आ जाते हैं, तो उन्हें संभालने की ज़िम्मेदारी पुलिस की है. ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर पूरी तरह राजनीतिक वजहों से दर्ज की गई है."
इमेज स्रोत, Ng Han Guan-Pool/Getty Images
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन पर नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से बात की और संवेदना व्यक्त की है.
जिनपिंग ने शुक्रवार को पौडेल से कहा, "मुझे भरोसा है कि दोनों देशों के लोग मिलकर जल्द से जल्द इस आपदा से उबरेंगे और अपने घरों को फिर से बसाएंगे.”
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में चीन के मिशन ने इसकी जानकारी दी.
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, तिब्बत में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं.
वहीं, चीन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के आखिर में भारी बारिश हुई तो ये बचाव अभियान में और मुश्किलें पैदा कर सकती है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले में एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग की है.
राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, क्योंकि खड़गे दलित हैं.
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली होती है और 10 अगस्त को बीजेपी-आरएसएस के लोग उनके मंच का शुद्धिकरण करते हैं."
"इस घटना के बारे में 13 अगस्त को खड़गे जी संसद में बताते हैं कि शुद्धिकरण की घटना अपराध है और यह मेरा व देश के हर दलित का अपमान है. लेकिन उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष खुलकर कहते हैं कि शुद्धिकरण किया गया है और इसमें कोई समस्या नहीं है."
उन्होंने कहा "शुद्धिकरण एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध है, लेकिन 20 दिन हो गए हैं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हमारी मांग है- जिन लोगों ने उत्तराखंड में शुद्धिकरण किया है, उनके खिलाफ एफ़आईआर दर्ज हो. नरेंद्र मोदी कहते हैं- वो हर जाति के हैं लेकिन उत्तराखंड में बीजेपी का चीफ़ कह रहा है कि शुद्धिकरण ठीक हुआ."
राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आदेश दें कि शुद्धिकरण करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ एससी/एसटी एक्ट में कार्रवाई की जाए. आज लड़ाई संविधान और बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा के बीच है और शुद्धिकरण की घटना इनकी मानसिकता को दिखाती है."
गौरतलब है कि इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद (राज्यसभा) में इस घटना का ज़िक्र किया और इसे 'दलितों का अपमान और छुआछूत' जैसा कृत्य बताया.
ज़ी समूह के फ़ाउंडर सुभाष चंद्रा के 22 हजार करोड़ के कर्ज़ के बदले 6.25 करोड़ रुपये के रीपेमेंट प्लान को मंज़ूरी देने के आदेश को लेकर एलआईसी समेत कई कर्ज़दाताओं ने बयान जारी किया है.
यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (यूके) और एलआईसी हाउसिंग फ़ाइनेंस लिमिटेड ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने चंद्रा की ओर से पेश किए गए रीपेमेंट प्लान का विरोध किया था, लेकिन अन्य कर्ज़दाताओं के बहुमत के समर्थन के चलते इसे मंज़ूरी मिल गई.
उनका कहना है कि इस प्लान को अन्य कर्ज़दाताओं के 80.81 प्रतिशत वोटिंग शेयर के समर्थन से मंज़ूरी मिली.
यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (यूके) ने जताई आपत्ति
यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (यूके) ने बयान में कहा, "इंडियाबुल्स हाउसिंग फ़ाइनेंस की ओर से दायर सुभाष चंद्रा की पर्सनरल इनसॉल्वेंसी (व्यक्तिगत दिवालिया) प्रक्रिया के मामले में बैंक ने केनरा बैंक और एलआईसी हाउसिंग फ़ाइनेंस साथ मिलकर रीपेमेंट प्लान का विरोध किया था."
बैंक के मुताबिक़, उसने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से योजना को मंज़ूरी नहीं देने की अपील की थी. हालांकि, कुछ प्राइवेट सेक्टर के कर्ज़दाताओं के वोट के कारण एनसीएलटी ने योजना को मंज़ूरी दे दी.
यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (यूके) ने कहा है कि वह एनसीएलटी के इस फ़ैसले को तत्काल एनसीएलएटी में चुनौती देगा.
एलआईसी हाउसिंग फ़ाइनेंस ने कहा कि उसने केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (यूके) समेत अन्य सार्वजनिक संस्थानों के साथ मिलकर सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान के ख़िलाफ़ मतदान किया था. अब वह भी एनसीएलएटी में अपील दायर करेगा.
वहीं, राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा, "किसान छोटा कर्ज़ न चुका पाए तो नाम और पोस्टर लगाकर बदनाम किया जाता है, वहीं 100 करोड़ रुपये से ऊपर के लोन डिफ़ॉल्टरों के नाम ‘प्राइवेसी’ के नाम पर छिपाए जा रहे हैं."
गौरतलब है कि एनसीएलटी ने पिछले दिनों सुभाष चंद्रा के 22 हजार करोड़ के कर्ज़ के बदले 6.5 करोड़ रुपये देने की योजना को मंज़ूरी दी थी.
यूक्रेन की राजधानी कीएव में रात भर हुए रूसी ड्रोन हमले में 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 लोग घायल हुए हैं.
घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं. क्षेत्रीय गवर्नर तिमुर तकाचेंको ने शनिवार को इस जानकारी की पुष्टि की.
तकाचेंको के मुताबिक़, रूसी हमले में बुचा ज़िले को भारी नुक़सान पहुंचा है. हमले के बाद 381 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
गवर्नर ने बाद में बताया कि बोरीस्पिल ज़िले में हुए एक अलग हमले में 14 वर्षीय बच्चे की भी मौत हुई है. उन्होंने इसे "रूसी आतंकवाद का एक और शिकार" बताया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने बताया कि हमले वाली जगह पर 300 से अधिक आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया गया है.
उन्होंने टेलीग्राम पर कहा कि ऐसे हमलों से सुरक्षा के लिए समाधान तलाशने की ज़िम्मेदारी अकेले यूक्रेन की नहीं हो सकती.
ज़ेलेंस्की ने रूस के ख़िलाफ़ अतिरिक्त सहायता पैकेज देने और प्रतिबंधों में मदद करने वाले देशों का आभार भी जताया.
चीन के सरकारी मीडिया ने तिब्बत में फ़्लैश फ़्लड की वजह से हुई तबाही के बाद का वीडियो जारी किया है.
वीडियो में राहत और बचावकर्मी कीचड़ और पत्थरों के बीच लोगों की तलाश करते नज़र आ रहे हैं.
राहत और बचावकर्मी शुक्रवार दोपहर प्रभावित इलाक़े ग्यिरोंग पहुंचे थे. इसके लिए उन्हें पहाड़ी इलाक़ों से होते हुए उफ़नती नदियों को पार करना पड़ा.
ल्हासा फ़ायर एंड रेस्क्यू टीम के सदस्य झोउ मिंगछी ने सरकारी मीडिया आउटलेट सीसीटीवी से बातचीत में कहा, "वहां तबाही का मंज़र था."
उन्होंने कहा, "पुराने बॉर्डर पर गेट के आसपास का इलाक़ा दलदली कीचड़ से पूरी तरह ढका हुआ था. वहां क़दम रखते ही पैर कीचड़ में धंस जाते हैं."
गौरतलब है कि तिब्बत में कम से कम 554 लोग लापता हैं, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
इमेज स्रोत, Christian Petersen/Getty Images
भारत के स्टार जेवलिन-थ्रोअर नीरज चोपड़ा सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगे.
उन्होंने बताया है कि ट्रेनिंग के दौरान टखने पर चोट लगने से लिगामेंट इंजरी हो गई है, इस वजह से वो रिकवरी पर ध्यान दे रहे हैं.
नीरज चोपड़ा ने शनिवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए इसकी जानकारी दी.
चोपड़ा ने पोस्ट में लिखा, "काफ़ी समय की मेहनत के बाद मुझे लगा था कि मैं मोमेंटम हासिल करने लगा हूं. लुसाने में मैंने इस सीज़न का अपना बेस्ट थ्रो भी फेंका था. हालांकि, दुर्भाग्यवश इसके ठीक बाद ही ट्रेनिंग के दौरान मेरे टखने में लिगामेंट इंजरी हो गई है. अपने डॉक्टर और टीम से बातचीत करने के बाद हमने यह फ़ैसला लिया है कि मैं बचे हुए सीज़न से बाहर बैठूंगा."
नीरज ने आगे लिखा, "यह काफ़ी निराशाजनक है, क्योंकि मैं पूरी तरह से अपनी रिदम हासिल करने के काफ़ी क़रीब था. हालांकि, जैसा कहा जाता है कि बाधाएं और असफलताएं हमारी सफलता की यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं. मेरा पूरा ध्यान अच्छे से रिकवरी करने और मज़बूती से वापसी करने पर है. आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद."
नीरज चोपड़ा दो बार एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं. उन्होंने 2018 में जकार्ता और 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था.
इमेज स्रोत, PRAKASH MATHEMA / AFP via Getty Images
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक़, अब तक 184 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 420 पर्यटकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.
पर्यटन बोर्ड ने शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे जारी अपने ताज़ा अपडेट में बताया कि वह बेल्जियम के एक और स्पेन के दो नागरिकों के संपर्क में भी है.
पर्यटन बोर्ड के अनुसार, अब तक रेस्क्यू किए गए विदेशी नागरिकों में सबसे ज़्यादा 114 भारतीय हैं. इसके अलावा चीन के 27, दक्षिण कोरिया के 20 और जर्मनी के 4 नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया है.
इसके अलावा, बुल्गारिया के एक, इटली के तीन, माल्टा के चार, ओमान के एक, पुर्तगाल के एक, रूस के दो, स्विट्जरलैंड के दो, तुर्की के दो और अमेरिका के तीन नागरिकों को बचाया है.
पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि लापता पर्यटकों का पता लगाने और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है.
इमेज स्रोत, Skanda Gautam/SOPA Images/LightRocket via Getty Images
नेपाल में फ़्लैश फ़्लड (बाढ़) से हुई तबाही के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए 4 से 5 अरब डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है.
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को यह अनुमान दिया है.
वित्त मंत्री वागले ने कहा कि यह फ़िलहाल शुरुआती अनुमान है और बाढ़ से हुए नुक़सान का आकलन अभी किया जा रहा है.
नेपाल में बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में घर तबाह हुए हैं और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुक़सान पहुंचाया है.
इसके अलावा, कई सड़कें और पुल बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
गौरतलब है कि नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या 626 हो गई है, जबकि क़रीब 2 हज़ार लोग अभी भी लापता हैं.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.
- नेपाल बाढ़: इस घर की बालकनी में फँसे लोगों का क्या हुआ?
- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क में प्रोग्राम और ममदानी के विरोध पर अमेरिकी मीडिया में कैसी बहस
- अंतरराष्ट्रीय मदद लेने का फ़ैसला नेपाल ने एक ही दिन में क्यों बदला, वहाँ के मीडिया में कैसी चर्चा
- तिब्बत में बाढ़ से तबाही कितनी हुई है, जानिए वहाँ क्यों है इतनी ख़ामोशी
- नेपाल: शवों को रखने के लिए हॉस्पिटलों में जगह नहीं, महामारी की आशंका
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया.
इस दौरान उन्होंने कहा, "देश में इस समय दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. एक तरफ भारत का संविधान है, बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल का संविधान और दूसरी तरफ है बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा.''
राहुल गांधी ने देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव का मुद्दा भी उठाया.
उन्होंने कहा, ''संविधान ने दलितों के ख़िलाफ़ भेदभाव और अत्याचार को गैरकानूनी बनाया है, लेकिन आज भी कई जगह दलित बच्चों से स्कूलों में शौचालय साफ कराने और झाड़ू-पोंछा लगाने जैसे काम कराए जाते हैं.''
राहुल गांधी ने कहा, ''बच्चों के मन पर गहरा असर पड़ता है. कुछ बच्चे अपने साथियों को सफाई करते देखते हैं, जबकि सफाई करने वाले बच्चे देखते हैं कि उनके कुछ साथी ऐसे काम नहीं करते.''
राहुल गांधी ने गांवों में भी भेदभाव होने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि कुछ जगह दलितों को सार्वजनिक कुएं से पानी लेने की इजाज़त नहीं होती और उन्हें अपने लिए अलग कुआं खोदना पड़ता है.
उन्होंने चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप इस्तेमाल किए जाने का भी दावा किया.
राहुल ने कहा, "कुछ जगह दलितों को चाय देने के लिए कागज या प्लास्टिक के कप इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि दूसरे लोगों को कांच के कप दिए जाते हैं."
उन्होंने कहा, "यही भारत की हकीकत है. यही उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत की हकीकत है. यह समस्या शहरों और गांवों दोनों में दिखाई देती है."
उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ पर एफ़आईआर की मांग
राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े एक कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि ऐसा करना एससी/एसटी एक्ट का उल्लंघन है और ‘शुद्धिकरण’ की रस्म करना अपराध है.
उन्होंने मांग की कि इस मामले में तुरंत एफ़आईआर दर्ज की जाए.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खड़गे को न्याय दिलाना राज्य और केंद्र सरकार, दोनों की जिम्मेदारी है.
नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे से निकाली गईं 97 साल की गुना माया बोहरा की तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया कवरेज में छाई हुई हैं.
तस्वीरों में वह मिट्टी से पूरी तरह सनी हुईं एक खुदाई मशीन के स्कूप में बैठी नज़र आ रही हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक, गुना माया अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है.
उनके परपोते दीपक बोहरा ने बीबीसी नेपाली से कहा, "जब उन्हें मलबे से निकाला गया और खुदाई करने वाली मशीन के स्कूप में रखा गया, तो वह मुस्कुरा रही थीं. उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई योद्धा जंग जीतकर लौटा हो.”
उन्हें केयर होम के मलबे से निकालने में करीब चार घंटे लगे. दीपक अपनी बुज़ुर्ग रिश्तेदार को बचाने के लिए काठमांडू से पहुंचे थे.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स पर निशाना साधते हुए उन्हें "बदतमीज़" बताया और धमकी भरे अंदाज़ में कहा कि या तो वे रहेंगे या हम, सिर्फ़ एक ही रहेगा.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी ने सख़्त लहजे में कहा कि सरकार कैंपस में राष्ट्रविरोधी और असामाजिक गतिविधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.
उन्होंने कहा, "अब हिसाब बराबर करने का समय आ गया है. या तो वे रहेंगे या हम. इनके बीच कुछ नहीं होगा."
अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के बाहर एक कार्यक्रम में यह बात कही.
उनका कार्यक्रम शाम 4 बजे से 6 बजे तक राजा एससी मलिक रोड के एक हिस्से पर हुआ.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यूनिवर्सिटी के उन छात्रों को राष्ट्रवाद का सबक सिखाना चाहते हैं.
इससे पहले 20 अगस्त को राष्ट्रीय आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी के समर्थकों के यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसने और तोड़फोड़ करने के आरोप लगे थे.
अधिकारी ने एबीवीपी का ज़िक्र करते हुए कहा, "संगठन को जादवपुर यूनिवर्सिटी में भी वही सबक सिखाना चाहिए, जो उसने दिल्ली की जेएनयू और हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में सिखाया था."
BBC News, हिंदीआप बीबीसी पर क्यों भरोसा कर सकते हैंइस्तेमाल की शर्तेंबीबीसी के बारे मेंनिजता की नीतिकुकीज़बीबीसी से संपर्कअन्य भाषाएँDo not share or sell my infoबीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.