विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम मध्य प्रदेश भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर More •••
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तीन दिन के प्रदर्शन के बाद बनी बात - फोटो : अमर उजाला Link Copied
इसी बीच इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में मध्यप्रदेश डॉक्टर महासंघ ने बुधवार को प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रखने का आह्वान किया। ओपीडी बंद रहने से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सरकार पर आंदोलन का जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया। तीन दिन बाद आंदोलन खत्म मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तीन दिनों तक चला। इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने भी डॉक्टरों की मांगों का समर्थन किया। हमीदिया अस्पताल से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गया।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने और प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों के घायल होने के बाद सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत तेज हुई। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में स्टाइपेंड समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद स्टाइपेंड को बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह करने पर सहमति बनी। सहमति के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है।