विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
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शिक्षा के मुद्दे पर भी जयंत ने सपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज जो लोग स्कूल खुलवाने की बात कर रहे हैं, उनके कार्यकाल में स्कूलों में खुलेआम नकल होती थी। वर्ष 2016 में प्राथमिक विद्यालयों का बजट बेहद कम था और कई स्कूलों के बंद होने की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों को दोबारा खोलने का काम किया गया, अब उसी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जयंत ने कहा कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। समाज, अभिभावक और शिक्षक सभी को मिलकर अगली पीढ़ी की चिंता करनी होगी। जयंत ने डिफेंस कॉरिडोर को रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट में काम हो रहा है। इससे आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों से निकलने वाले युवाओं का कौशल उद्योगों की जरूरत के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन साल में 300 ब्रह्मोस मिसाइलों के निर्माण की दिशा में काम होगा। डिफेंस क्षेत्र में रोजगार के लिए कौशल विकास पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में चर्चा होगी। आईटीआई के नवीनीकरण की दिशा में पहली बार बड़े स्तर पर काम होने की बात भी उन्होंने कही। अब शांत रहने का वक्त नहीं सम्मेलन के अंत में जयंत का संदेश साफ था कि रालोद अब सपा की ओर से होने वाले राजनीतिक हमलों को चुपचाप सहने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि सामने वाला हर हथकंडा अपना रहा है, छोटी-छोटी बातों को जातीय चश्मे से देखा जा रहा है और कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। रालोद की राजनीति सबको साथ लेकर चलने की है। सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव त्यागी, अनिल दुबे, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ऐश्वर्या राज सिंह और अनुपम मिश्रा और संयोजक मयंक त्रिवेदी सहित तमाम बड़े नेता थे।