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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा दावा किया है। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, इस हमले का कथित मास्टरमाइंड उमर उन नबी था, जो विस्फोट में मारा गया था। जांच एजेंसी ने उसे कथित तौर पर फिर से सक्रिय किए गए अंसार गजवत-उल-हिंद मॉड्यूल का संचालन संभालने वाला व्यक्ति बताया है। अब सवाल है कि आखिर उमर उन नबी ने किस तरह इस कथित आतंकी साजिश को आगे बढ़ाया और लाल किले तक विस्फोटक से भरी कार कैसे पहुंची।
10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 29 लोग घायल हुए थे। विस्फोट से आसपास की संपत्ति और कई वाहनों को भी काफी नुकसान पहुंचा था। एनआईए का आरोप है कि यह हमला अचानक की गई कोई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी। एजेंसी के अनुसार, इस साजिश में कथित तौर पर पुराने मॉड्यूल को फिर से सक्रिय करना, लोगों का कट्टरपंथीकरण, प्रशिक्षण, धन और हथियार जुटाना तथा विस्फोटक तैयार करने की तैयारी शामिल थी।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
उमर उन नबी की मौत विस्फोट में ही हो गई थी। इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त मानी गई है। हालांकि, एनआईए ने अपनी चार्जशीट में उसकी कथित भूमिका और पूरी साजिश का विवरण रखा है। चार्जशीट में लगाए गए आरोप जांच एजेंसी का पक्ष हैं और इन पर अदालत में न्यायिक जांच होगी। यानी एनआईए ने नबी को इस कथित आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड और परिचालन प्रभारी बताया है, लेकिन इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।