विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को दिव्य शिल्पकार और वास्तु कला के जनक के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उन्होंने द्वारका और इंद्रप्रस्थ जैसे भव्य नगरों के निर्माण के साथ कई दिव्य अस्त्र-शस्त्र और भवन भी तैयार किए थे। यही वजह है कि विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों, व्यापारी और उद्योगों से जुड़े लोग अपने कार्यस्थल, मशीनों और औजारों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इससे काम में सफलता और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। हर वर्ष कन्या संक्रांति के अवसर पर विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। आइए जानते हैं 2026 में यह पर्व कब होगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
2 of 5 विश्वकर्मा पूजा 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त - फोटो : amar ujala विश्वकर्मा पूजा 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त इस साल विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
3 of 5 विश्वकर्मा पूजा की विधि - फोटो : amar ujala विश्वकर्मा पूजा की विधि विश्वकर्मा पूजा के दिन सुबह स्नान करके कार्यस्थल को साफ करें। इसके बाद ऑफिस, दुकान, फैक्ट्री या वर्कशॉप में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित करें। विधिपूर्वक पूजा करने के साथ मशीनों, वाहनों और औजारों को भी साफ करके उनकी पूजा करें।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
4 of 5 विश्वकर्मा पूजा की विधि - फोटो : amar ujala भगवान विश्वकर्मा और पूजा में शामिल मशीनों व औजारों पर रोली और हल्दी से तिलक लगाएं। हाथ में फूल और अक्षत लेकर भगवान का ध्यान करें और पूजा के दौरान निर्धारित मंत्रों का जाप करें। इसके बाद मन ही मन प्रार्थना करें कि सभी मशीनें सुचारू रूप से चलती रहें, काम में किसी तरह की बाधा न आए और कारोबार निरंतर प्रगति करे। अंत में भगवान विश्वकर्मा को प्रणाम कर आरती करें और सभी लोगों को प्रसाद वितरित करें।
5 of 5 विश्वकर्मा पूजा करने के लाभ - फोटो : amar ujala विश्वकर्मा पूजा करने के लाभ
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