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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
अमेरिका ने सऊदी अरब को करीब 5 अरब डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण बेचने की संभावित डील को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित बिक्री में सटीक निशाना लगाने वाली जेडीएएम-ईआर प्रणालियां, हजारों बम और उनसे जुड़े उपकरण शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी जानकारी कांग्रेस को दी है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सऊदी अरब ने 5,004 केएमयू-572 जेडीएएम गाइडेंस किट और 5,000 केएमयू-556 जेडीएएम गाइडेंस किट की मांग की है। इसके अलावा 5,004 बीएलयू-111 500-पाउंड सामान्य उपयोग वाले बम और 5,000 बीएलयू-117 2,000-पाउंड बम भी प्रस्तावित पैकेज का हिस्सा हैं। डील में फ्यूज सिस्टम, टारगेट डिटेक्टर, कंटेनर, स्पेयर पार्ट्स, सपोर्ट उपकरण और अन्य जरूरी सामान भी शामिल होंगे। इसके साथ अमेरिकी सरकार और ठेकेदारों की इंजीनियरिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिक सेवाएं भी प्रस्तावित हैं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
अमेरिकी आकलन के मुताबिक, प्रस्तावित लेनदेन से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन में कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिका का यह भी कहना है कि सऊदी अरब इन हथियारों और सेवाओं को अपनी सैन्य व्यवस्था में आसानी से शामिल कर सकेगा। इस संभावित बिक्री के लिए मुख्य ठेकेदार बोइंग होगा, जिसका मुख्यालय वर्जीनिया में है। अमेरिकी सरकार ने कहा कि फिलहाल इस सौदे के साथ किसी ऑफसेट समझौते की जानकारी नहीं है।
यह संभावित हथियार सौदा ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष, सऊदी अरब को निशाना बनाकर हुए हमलों और यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सऊदी अरब अपनी जमीन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संभावित हवाई तथा मिसाइल खतरों से बचाने की क्षमता मजबूत करना चाहता है।
हालिया हथियार बिक्री की संभावित मंजूरी और परमाणु सहयोग समझौते अमेरिका-सऊदी रणनीतिक रिश्तों के व्यापक दायरे को दिखाते हैं। दोनों देशों के बीच सहयोग रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक परमाणु क्षेत्र तक फैला हुआ है। बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के बीच वॉशिंगटन और रियाद के बीच यह साझेदारी आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।