विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली दिल्ली-एनसीआर गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
परिजनों के गंभीर आरोप मृतका की मां अंजलि ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और क्रूरता का आरोप लगाया है। अंजलि ने बताया कि घटना वाले दिन स्कूल से उनके पास फोन आया था कि उनकी बेटी की तबीयत खराब हो गई है। जब वह बदहवास हालत में स्कूल पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि उनकी बच्ची तेज धूप में खड़ी थी और उसकी हालत बेहद खराब थी। परिजनों का सीधा आरोप है कि महज एक किताब न लाने की वजह से शिक्षकों ने उसे सजा के तौर पर धूप में खड़ा किया था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पिछले सप्ताह उसने दम तोड़ दिया।
प्रशासन पर उठते सवाल इस दर्दनाक घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, उनके प्रति शिक्षकों के रवैये और सजा के अमानवीय तरीकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि मामले की जानकारी प्राप्त कर ली गई है और पुलिस परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की तफ्तीश कर रही है।