विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम कारोबार बिज़नेस डायरी बाजार स्टार्टअप्स कॉर्पोरेट पर्सनल फाइनेंस More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी उथल-पुथल मचाने वाले अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में बाजार नियामक सेबी ने अब अंतिम प्रहार की तैयारी कर ली है। सेबी ने उन विदेशी फंडों और सट्टेबाजों के खिलाफ व्यक्तिगत सुनवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने जनवरी 2023 में आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का पहले से फायदा उठाकर भारतीय बाजार में भारी मुनाफा कमाया था। सेबी का इरादा उन 'अवैध' फायदों को वापस वसूलना है, जो नियमों को ताक पर रखकर कमाए गए थे। इस कार्रवाई ने वैश्विक वित्तीय जगत में खलबली मचा दी है क्योंकि यह मामला विदेशी संस्थाओं पर भारतीय कानूनों को लागू करने का एक बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उन सौदों से हुए मुनाफे की वसूली के लिए व्यक्तिगत सुनवाई शुरू की है, जिसके बारे में संदेह है कि वे हिंडनबर्ग की जनवरी 2023 की रिपोर्ट के 'पूर्व ज्ञान' पर आधारित थे। सेबी का मानना है कि कुछ लोगों को पहले से ही पता था कि हिंडनबर्ग अदाणी समूह के खिलाफ एक सनसनीखेज रिपोर्ट लाने वाला है, जिससे शेयर गिरेंगे। उन्होंने इस गुप्त जानकारी का इस्तेमाल करके भारतीय बाजार में शॉर्ट सेलिंग की और करोड़ों रुपये कमाए। अब सेबी इस अवैध मुनाफे को ब्याज समेत वापस वसूलना चाहता है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
सेबी ने साल 2024 में खुलासा किया था कि अमेरिका स्थित 'किंगडम कैपिटल मैनेजमेंट' ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से ठीक पहले अदाणी समूह के शेयरों में भारी शॉर्ट पोजीशन बनाई थी। यह खेल सीधे नहीं, बल्कि मॉरीशस स्थित एक फंड 'के इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड क्लास एफ' के जरिए खेला गया था, जो कोटक इंटरनेशनल से जुड़ा हुआ था। शॉर्ट पोजीशन का मतलब होता है कि जब किसी शेयर की कीमत गिरने वाली हो, तो पहले उसे ऊंचे दाम पर बेच दो और बाद में दाम गिरने पर वापस खरीदकर मुनाफा जेब में रख लो। इस खेल के जरिए छह संस्थाओं ने कुल मिलाकर 22.25 मिलियन डॉलर (लगभग 22.25 मिलियन डॉलर) का मुनाफा कमाया था।